astrology workshop
मुंबई। मुनि कुलदीप कुमार एवं मुनि मुकुल कुमार के सानिध्य में जैन वाङ्गमय दिव्य ज्योतिष कार्यशाला (astrology workshop) जैन आगमो में तंत्र-मंत्र-यंत्र ऐतिहासिक रही। आरंभ नमस्कार महामंत्र से मुनि कुलदीप कुमार एवं स्वागत भाषण सभा अध्यक्ष सुरेश डागलिया ने किया।मुनि कुलदीप कुमार ने कहा कि जैन परंपरा में ज्योतिष और वास्तु पर विस्तारपूर्वक लिखा गया है। जो विधिपूर्वक यंत्र मंत्र तंत्र को कार्य में लेता है वो लाभान्वित हो सक
ता है। मुनि मुकुल कुमार ने जो महत्वपूर्ण सूत्र दिए हैं, उनको उसी विधि से प्रयोग में लाकर अपना कल्याण करें। मुनि मुकुल कुमार ने कहा कि गलतियों को सुधार कर शुभ भविष्य का निर्माण करने वाली विद्या का नाम है ज्योतिष। मंत्र प्राण शक्ति को बढ़ाता है, सिद्धि देता है, संकल्प को मजबूत करता है। मंत्र आने वाले दूषित प्रकम्पनों को नष्ट करता है। यंत्र का अर्थ है एक निश्चित सीमा में रक्षा करने वाले एवं इच्छाओं को पूर्ण करने वाला। तंत्र का अर्थ है संपूर्ण जागरण और अक्षय सुख। उन्होंने जैन शास्त्र के प्राचीनतम दुर्लभतम मंत्र यंत्र वनस्पति तंत्र वास्तु विज्ञान आदि की जानकारी प्रदान की।
आभार युवक परिषद अध्यक्ष गिरीश सिसोदिया ने एवं संचालन सभा मंत्री दिनेश धाकड़ ने किया। कार्यक्रम सफल बनाने आचार्य महाप्रज्ञ विद्या निधि फाउंडेशन अध्यक्ष कुंदनमल धाकड़, कार्याध्यक्ष गणपतलाल डागलिया, महामंत्री लक्ष्मीलाल डागलिया, कोषाध्यक्ष प्रकाश सिसोदिया, तेरापंथी सभा दक्षिण मुंबई अध्यक्ष सुरेश डागलिया, मंत्री दिनेश धाकड़, कोषाध्यक्ष प्रकाश सिसोदिया, युवक परिषद अध्यक्ष गिरीश सिसोदिया, मंत्री श्रेयांश मुणोत, कोषाध्यक्ष पंकज बोलिया, महिला मंडल अध्यक्ष वनीता धाकड़, मंत्री संगीता राठौड़, अणुव्रत क्षेत्रीय संयोजक नरेंद्र मुणोत, सह संयोजक निलेश धाकड़, बाबू धींग, कार्यक्रम संयोजक गणपतलाल डागलिया, सहसंयोजक देवेंद्र डागलिया, नितेश धाकड़, रौनक धाकड़, पुष्पा कच्छारा सक्रिय रहे। पुष्पा देवी मनोहर लाल अशोक कुमार वागरेचा, प्रभा बेन प्रभु लाल मेहता, मनोहरलाल डागा आदि का विशेष सहयोग रहा। आचार्य महाप्रज्ञ विद्या निधि फाउंडेशन, तेरापंथी सभा, युवक परिषद, महिला मंडल, अणुव्रत समिति, किशोर मंडल, कन्या मंडल आदि सक्रिय रहे। यह जानकारी उत्सव धाकड़ ने दी।
Editorial

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