✕
जड़ी बूटी दिवस के अवसर पर पतंजलि योगपीठ हरिद्वार में एक लाख पौधों का निशुल्क वितरण एवं वृक्षारोपण
By EditorialPublished on
Patanjali Yogpeeth Haridwar - स्वामी रामदेव ने लाँच किया वर्ल्ड हर्बल इंसाइक्लोपीडिया का पोर्टल. शल्य तंत्र पर आधारित त्रिदिवसीय सम्मेलन की स्मारिका ‘सुश्रुतकोण’ का किया विमोचन

x

हरिद्वार। पतंजलि योगपीठ (Patanjali Yogpeeth Haridwar) के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण का जन्मदिवस पतंजलि वैलनेस, पतंजलि योगपीठ-2 के योगभवन सभागार में जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर स्वामी रामदेव व आचार्य बालकृष्ण ने उपस्थित जनसमूह को स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज, स्वस्थ राष्ट्र व स्वस्थ विश्व के लिए वृक्षारोपण हेतु संकल्पित कराया। दोनों ने वृक्षारोपण तथा जनसामान्य को रक्तदान के लिए प्रेरित किया।
स्वामी रामदेव महाराज ने आचार्य जी को जन्मदिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आचार्य जी का जीवन कर्ममय, पुरुषार्थमय व परमार्थमय है।
इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि जन्मदिवस तो मात्र बहाना है, निरंतर राष्ट्रसेवा के कार्य करते हुए, पेड़-पौधे लगाना हमारा लक्ष्य है।
कार्यक्रम में वर्ल्ड हर्बल इंसाइक्लोपीडिया का पोर्टल लाँच किया। इस पोर्टल में लगभग 7500 पादप वंश, लगभग 50 हजार से अधिक पादप प्रजातियाँ, 2000 से अधिक भाषाओं (संस्कृत भाषा के नामों सहित), 12 लाख स्थानीय नामों संस्कृत भाषा सहित, 2.5 लाख पर्यायवाची, 6.5 लाख यूनिक रेफरेंस कोड को एक साथ सूत्रबद्ध किया गया है। साथ ही पोर्टल में 10 से अधिक वनस्पति विज्ञान आधारित औषधीय प्रणाली, 964 उपचार पद्धति, 2000 से अधिक स्थानीय समुदायों तथा 2.5 लाख फॉल्क फॉर्मेशन की जानकारी को व्यवस्थित रूप से संकलित किया गया है।
पतंजलि विश्वविद्यालय में शल्य तंत्र आधारित तीन दिवसीय सम्मेलन ‘सुश्रुतकोण’ का उद्घाटन किया गया। उपस्थित जनसमूह एवं स्वास्थ्य साधकों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने बताया कि आयुर्वेद की शल्य परम्परा को पतंजलि के माध्यम से नई ऊँचाइयों पर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है जिसके तहत शल्य की पूरी प्रक्रिया को आमजन आधुनिक तकनीक के माध्यम से लाईव देख सकेंगे। इस अवसर पर शल्य तंत्र पर आधारित त्रिदिवसीय सम्मेलन की स्मारिका ‘सुश्रुतकोण’ का भी विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में हरिद्वार में 887 यूनिट के साथ पूरे देश में स्थापित पतंजलि योग समितियों के माध्यम से हजारों यूनिट रक्तदान किया गया। साथ ही 280 लोगों का निःशुल्क नेत्र परीक्षण व निःशुल्क चश्मों का वितरण, 412 लोगों की निःशुल्क दंत चिकित्सा व निःशुल्क डेंटल किट वितरण, व्यापक स्तर पर औषधीय पौधों का वितरण व वृक्षारोपण का कार्य किया गया।

Editorial
Next Story
Related News
X
