Lakshya Sen
पेरिस (एजेंसी)। भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन (Viktor Axelson) के खिलाफ पुरुष एकल वर्ग का सेमीफाइनल मुकाबला गंवा बैठे हैं। लक्ष्य ने मुकाबले की शानदार शुरूआत की थी, लेकिन एक्सेलसन दोनों ही गेम में इस भारतीय खिलाड़ी पर भारी पड़े और उन्होंने 22-20, 21-14 से लक्ष्य को हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। लक्ष्य अगर यह मुकाबला जीतने में सफल रहते तो वह भारत के लिए कम से कम रजत पदक पक्का कर सकते थे।
लक्ष्य ने एक्सेलसन को दी चुनौती
भारतीय बैडमिंटन स्टार खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने एक्सेलसेन के खिलाफ शानदार शुरूआत करते हुए पहले गेम में बढ़त बना ली थी। लक्ष्य एक समय 15- 9 से आगे चल रहे थे और एक्सेलसन के हर आक्रमण का बखूबी जवाब दे रहे थे। लक्ष्य एक समय पहला गेम जीतने के करीब भी पहुंच गए थे और उन्होंने 20 17 की बढ़त बना ली थी। हालांकि, एक्सेलसन ने यहां से वापसी की और दो गेम प्वाइंट बचाए और फिर वापसी करते हुए इस गेम को अपने नाम करने में सफल रहे। एक्सेलसन ने इस तरह लक्ष्य से पहला गेम 22-20 के अंतर से जीता।
बढ़त लेने के बाद पिछड़े लक्ष्य
पहला गेम हारने के बाद लक्ष्य सेन ने दूसरे गेम में शानदार वापसी की। लक्ष्य ने दूसरे गेम में एक्सेलसन के खिलाफ 7-0 की बढ़त बना ली थी। उस वक्त लग रहा था कि यह भारतीय शटलर वापसी करने में कामयाब रहेगा, लेकिन एक्सेलसन ने एक बार फिर अपना जलवा बिखेरा और आक्रामक अंदाज में खेलना शुरू किया। एक्सेलसन ने वापसी करते हुए स्कोर 8- 7 किया, लेकिन लक्ष्य ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कोर 10-7 करने में ज्यादा देर नहीं लगाई। ब्रेक तक लक्ष्य ने 11-10 की मामूल बढ़त अपने नाम कर ली थी, लेकिन एक्सेलसन ने वापसी की और 19-14 से आगे हो गए और इसके बाद लक्ष्य को कोई मौका दिए बिना मैच अपने नाम किया। एक्सेलसन ने इस तरह लक्ष्य के खिलाफ अपना रिकॉर्ड 8-1 का कर लिया है।
'मुझे अटैकिंग होकर खेलना चाहिए था’
लक्ष्य ने एक्सेलसन के खिलाफ मैच के बाद कहा, यह बड़ा मैच था, लेकिन मुझे थोड़ा संभलकर खेलना था। मैंने दूसरे गेम में अच्छी शुरूआत की और बढ़त बनाई, लेकिन इसे बरकरार नहीं रख सका।
कांस्य के लिए जिया जी ली से सामना
लक्ष्य भले ही सेमीफाइनल से बाहर हो गए और फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके, लेकिन उनके पास अभी भी कांस्य पदक जीतने का मौका है। लक्ष्य पहले भारतीय पुरूष एकल खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलंपिक का सेमीफाइनल मैच खेला है। उनके पास इस मैच को जीतकर भारत के लिए पदक पक्का करने का मौका था, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके। अब लक्ष्य कांस्य पदक के लिए खेलेंगे। लक्ष्य का कांस्य पदक के लिए मलेशिया के सातवीं वरीयता प्राप्त जिया जी ली से सामना होगा। दोनों खिलाड़ियों के बीच कांस्य के लिए सोमवार को मुकाबला होगा।
शुरूआत से ही जैसा गेम चल रहा था एक्सेलसन आक्रमक होकर खेल रहे थे और मैं डिफेसिव खेल रहा था। मुझे लगता है कि मुझे अटैकिंग होकर खेलना चाहिए था। मैं अब कांस्य पदक के लिए पूरा जोर लगाऊंगा। मुझे इस मैच से काफी उम्मीद है। दर्शकों ने मेरा काफी हौसला बढ़ाया और मेरे माता-पिता भी यहां है तो मुझे हिम्मत मिलती है। मुझे उम्मीद है कि जैसा समर्थन मुझे इस मैच में मिला वैसा ही दर्शकों से सोमवार को भी मिलेगा जब मैं कांस्य पदक के लिए उतरूंगा।
Editorial

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