Indian hockey team
पेरिस (एजेंसी)। पेरिस ओलिंपिक (Paris Olympics) में भारतीय हॉकी टीम (Indian hockey team) सेमीफाइनल में पहुंच गई है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इंडिया ने ब्रिटेन को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हरा दिया। फुलटाइम मैच में दोनों टीमों का स्कोर 1-1 से बराबर था।
शूटआउट में भारत ने लगातार 4 गोल किए। ब्रिटेन की टीम सिर्फ दो गोल कर पाई। भारतीय गोलकीपर श्रीजेश जीत के हीरो रहे, जिन्होंने शूटआउट में 2 गोल बचाए। इस पूरे मैच में उन्होंने 11 पेनल्टी कॉर्नर सेव किए हैं। अब सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला जर्मनी और अर्जेंटीना के विजेता से 6 अगस्त को होगा।
भारतीय टीम की यह जीत इसलिए भी अहम है, क्योंकि टीम सिर्फ 10 खिलाड़ियों से खेल रही थी। 60 मिनट के खेल में 48 मिनट भारतीय डिफेंडर अमित रोहिदास मैच से बाहर रहे। उन्हें रेफरी ने 12वें मिनट में रेड कार्ड दिया था, हालांकि रेफरी का यह फैसला विवादों में आ गया। पूर्व भारतीय ओलिंपियन जुगराज सिंह ने कहा कि इस फाउल के लिए यलो कार्ड देना ही काफी था।
श्रीजेश ने बिखेरी चमक
टोक्यो ओलंपिक में भी ब्रिटेन को ही हराकर भारतीय टीम अंतिम चार में पहुंची थी। श्रीजेश टोक्यो में कांस्य पदक के मुकाबले में जर्मनी के खिलाफ भी भारत की दीवार साबित हुए थे और उन्होंने पेरिस ओलंपिक के अब तक के सबसे कठिन मुकाबले में भी अपेक्षाओं पर खरे उतरकर दिखाया। निर्धारित समय में भारत के लिए हरमनप्रीत ने 22वें और ली मोर्टन ने 27वें मिनट में गोल दागा था जिसके बाद मैच का नतीजा पेनल्टी शूटआउट कर जरिये निकला। श्रीजेश की अगुआई में भारतीय डिफेंस ने ब्रिटेन के हर हमले का बचाव किया और उसे बढ़त बनाने नहीं दी। ब्रिटेन ने 28 बार भारतीय गोल पर हमला बोला और महज एक कामयाबी मिली।
शूटआउट में क्या हुआ?
शूटआउट में भारत के लिए कप्तान हरमनप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल ने गोल दागे, जबकि इंग्लैंड के जेम्स अलबेरी और जाक वालांस ही गोल कर सके। कोनोर विलियमसन का निशाना चूका और फिलिप रोपर का शॉट श्रीजेश ने बचाया। इस तरह भारतीय टीम ने यह मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। अब अगर भारत छह अगस्त को होने वाला सेमीफाइनल मैच जीतने में सफल रहा तो देश के पदक पक्का हो जाएगा। इतना ही नहीं भारतीय टीम के पास 1980 मॉस्को ओलंपिक के बाद हॉकी में स्वर्ण पदक जीतने का अवसर भी रहेगा।
रोहिदास के बाहर होने से बिटेन को फायदा
रोहिदास को दूसरे क्वार्टर में रेड कार्ड मिला। दरअसर, रोहिहास की हॉकी स्टिक ब्रिटेन के एक खिलाड़ी के सिर पर लगी, लेकिन रेफरी ने इसे जानबूझकर किया गया कृत्य माना और उन्हें पूरे मैच से बाहर कर दिया। रोहिदास को रेड कार्ड मिलने का ब्रिटेन ने फायदा उठाते हुए 19वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर बनाया लेकिन गोल नहीं कर सके। भारत को जवाबी हमले में 22वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे हरमनप्रीत ने गोल में बदला। यह पेरिस ओलंपिक में उनका सातवां गोल था। ब्रिटेन टीम गेंद पर नियंत्रण में भारत पर लगातार भारी रही और 25वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर उसे वैरिएशन आजमाया लेकिन खाता नहीं खुल सका। अब तक शानदार प्रदर्शन कर रहे भारतीय डिफेंस में पहली बार चूक देखी गई और 27वें मिनट में सर्कल पर से गोल के सामने मिली गेंद को मोर्टन ने गोल के भीतर डाला।
आखिरी टूर्नामेंट खेल रहे हैं श्रीजेश
2 गोल बचाने वाले पीआर श्रीजेश अपना आखिरी टूर्नामेंट खेल रहे हैं। 36 साल इस अनुभवी गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने कुछ दिन पहले कहा था पेरिस ओलिंपिक उनका आखिरी इंटरनेशनल टूर्नामेंट होगा।
Next Story