Mumbai Police
मुंबई। साइबर अपराधी लोगों (Cyber-crime and fraudsters) को अपने जाल में फंसाने और पैसे ऐंठने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। वहीं, मुंबई पुलिस (Mumbai Police) की साइबर क्राइम अपराध को रोकने के लिए कई अभियान चला रही है। इसी क्रम में मुंबई पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 1930 की मदद से कई लोगों को ठगी का शिकार बनने से बचाने का सराहनीय कार्य किया है। पुलिस उपायुक्त (क्राइम) दत्ता नलावडे ने बताया कि, मुंबई पुलिस ने इस साल के पहले सात महीनों में ही साइबर जालसाजों को पैसे चुराने से रोकने के लिए पीड़ितों के 100 करोड़ रुपये सफलतापूर्वक फ्रीज (बचाया है) कर दिया हैं।
हालांकि, चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि साइबर जालसाजों द्वारा ठगी का शिकार होने के बाद इन सात महीनों में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर लगभग 32,000 पीड़ितों ने कॉल किया है। साइबर जालसाजों ने इन लोगों से करीब 650 करोड़ रुपये ठगे, जिनमें से पुलिस ने 100 करोड़ रुपये फ्रीज करने में सफलता पाई है। जबकि 2023 में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर 91,357 कॉल आई थी, जिनमें साइबर जालसाजों ने लगभग 262 करोड़ रुपये ठगे थे, इसमें से पुलिस ने 26.52 करोड़ रुपये फ्रीज किया था। इसी तरह 17 मई से 31 दिसंबर 2022 तक 17,672 लोगों ने साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन पर कॉल किया था। साइबर जालसाजों ने इन शिकायतकर्ताओं से करीब 32.35 करोड़ की ठगी की थी। जब इन लोगों ने हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 1.58 करोड़ फ्रीज कर दिया था।
हेल्पलाइन नंबर 1930 संजीवनी
साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने वाला कोई भी व्यक्ति सहायता के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकता है। साइबर पुलिस से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि जब भी कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है और तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर इसकी सूचना देता है, तो मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी और विशेषज्ञ तुरंत उस बैंक खाते को फ्रीज कर देते हैं, जिसमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे, जिससे पैसे बच जाते हैं।
पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावडे ने कहा कि किसी तरह की वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। साइबर टीम सभी बैंकों के नोडल अधिकारियों के साथ जुड़ी हुई है। शिकायत मिलने पर,टीम बैंक के नोडल अधिकारी को सूचित करती है, जो तुरंत आपके बैंक में भुगतान रोक देता है।
Editorial

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