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रामलला की परिक्रमा को बनेगा 790 मीटर लंबा कारिडोर
By EditorialPublished on
भव्य मंदिर में विराजमान रामलला (Ramlalla) का दर्शन करने के बाद भक्त भगवान की परिक्रमा (circumambulation) भी कर सकेंगे। इसके लिए राम मंदिर (Ram Mandir) के चारों ओर कारिडोर बनाया जाएगा। इसी कारिडोर (corridor) के अंतर्गत मंदिर परकोटे में निर्माणाधीन सभी मंदिर समाहित होंगे। 14 फीट चौड़े कारिडोर की लंबाई 790 रनिंग मीटर यानी लगभग 2591 फीट होगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust ) की ओर से इसके निर्माण कार्य का दायित्व मंदिर बना रही कार्यदायी संस्था लार्सन एंड टुब्रो

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अयोध्या (एजेंसी)। भव्य मंदिर में विराजमान रामलला (Ramlalla) का दर्शन करने के बाद भक्त भगवान की परिक्रमा (circumambulation) भी कर सकेंगे। इसके लिए राम मंदिर (Ram Mandir) के चारों ओर कारिडोर बनाया जाएगा। इसी कारिडोर (corridor) के अंतर्गत मंदिर परकोटे में निर्माणाधीन सभी मंदिर समाहित होंगे। 14 फीट चौड़े कारिडोर की लंबाई 790 रनिंग मीटर यानी लगभग 2591 फीट होगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust ) की ओर से इसके निर्माण कार्य का दायित्व मंदिर बना रही कार्यदायी संस्था लार्सन एंड टुब्रो को सौंपा गया है।
जन्मभूमि पर भव्य मंदिर में प्रतिष्ठित प्रभु श्रीराम (Prabhu Shriram) के दर्शन के निमित्त सुदूर क्षेत्रों से भक्त पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन लगभग एक लाख के आसपास श्रद्धालु दर्शन तो कर रहे हैं, पर उनकी परिक्रमा की अभिलाषा अभी नहीं पूरी हो पा रही है। वजह यह कि राम मंदिर के चारों ओर अभी परिक्रमा के लिए स्थान उपलब्ध नहीं है, जहां श्रद्धालु अपने आराध्य की परिक्रमा कर सकें। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत मंदिर के चारों ओर कारिडोर बनवाने का निर्णय लिया है। 790 मीटर लंबे कारिडोर के अंतर्गत परकोटे में बन रहे सभी मंदिर समाहित होंगे। राम मंदिर परिसर में अभी विभिन्न देवी देवताओं व सप्तर्षियों के मंदिर निर्माणाधीन हैं। इनमें से कुछ इसी वर्ष दिसंबर तक तथा कुछ अगले वर्ष मार्च में बनकर तैयार हो जाएंगे। इन मंदिरों के साथ ही कारिडोर का निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया है। एलएंडटी के परियोजना निदेशक वीके मेहता ने बताया कि कारिडोर की चौड़ाई 14 फीट है। वर्तमान में जहां स्थान खाली है, वहां कारिडोर का निर्माण कार्य भी साथ-साथ चल रहा है। प्रयास है कि मंदिरों का निर्माण पूरा होने के साथ कारिडोर भी बनकर तैयार हो जाए, जिससे श्रद्धालु परिक्रमा कर सकें।

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