rajasthan investment summit
कार्यालय संवाददाता जयपुर। राजस्थान (Rajasthan) सरकार 9 से 11 दिसंबर के बीच इन्वेस्टमेंट समिट (investment summit) कराएगी। 9 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) जयपुर (Jaipur) आएंगे और समिट का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान प्र.म. मोदी तथा सीएम भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) शीर्ष निवेशकों के साथ मीटिंग भी करेंगे।
समिट से पहले अगस्त सितंबर में सीएम भजनलाल इंग्लैंड (England) और जापान (Japan) की यात्रा करेंगे। वहां पर रोड शो (Road show), सेमिनार (seminar) और टॉक शो (talk show) भी होगा। सीएम शर्मा की यह पहली विदेश यात्रा होगी। सीएम वहां उद्योगपतियों, अप्रवासी भारतीयों और अप्रवासी राजस्थानियों से भी मुलाकात करेंगे। सीएम भजनलाल के अलावा डिप्टी सीएम दीया कुमारी, डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा और उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भी ताइवान, सिंगापुर, जर्मनी, फ्रांस, इटली, कोरिया, नीदरलैंड, अमेरिका, कनाडा सहित 8-10 अलग-अलग देशों की यात्रा करेंगे।
देश के 6 शहरों में होंगे होड शो
विदेश के अलावा देश की बात करें तो अहमदाबाद, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरू, चेन्नई, दिल्ली, चंडीगढ़, सूरत, कोच्ची, गुवाहाटी, कोलकाता, इन्दौर, भोपाल, रायपुर, लखनऊ में से किन्हीं 6 शहरों में भी राज्य सरकार की तरफ से रोड शो की योजना बनाई जा रही है। अक्टूबर के मध्य में ये रोड शो हो सकता है। इनकी तारीखें तय करने के लिए संबंधित राज्य सरकारों से अनुमति मांगी गई है। उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि यह समिट राजस्थान के औद्योगिक व आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी। हर एमओयू को मूर्त रूप दिया जाएगा। इस साल में यह तीसरा मौका है, जब किसी सरकारी कार्यक्रम में प्र.म. मोदी जयपुर आएंगे। इससे पहले बे डीजीपी सम्मेलन और फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुएल मैक्रो के साथ दौरे पर जयपुर आए थे। हाल ही में दिल्ली में प्र.म. मोदी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ समिट को लेकर विस्तृत चचर्चा की थी।
केंद्र और राज्य में सरकार
वर्तमान में केन्द्र और प्रदेश में भाजपा (BJP) की सरकार है। कई उद्योग ऐसे हैं, जिन्हें स्थापित करने के लिए केन्द्र के भी विभिन्न मंत्रालयों से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) चाहिए होती है। खासकर वन व पर्यावरण संबंधी मामलों में। संयोग से केन्द्रीय वन व पर्यावरण मंत्री भी राजस्थान से सांसद (अलवर) भूपेन्द्र यादव है। ऐसे में उद्योगपतियों व निवेशकर्ताओं को यह विश्वास दिलाया जाएगा कि उनका निवेश न केवल सुरक्षित रहेगा बल्कि वे आसानी और शीघ्रता से अपने उद्योग स्थापित कर सकेंगे। उन्हें सरकारी, व्यूरोक्रेसी और विभिन्न एजेंसियों के स्तर पर होने वाली देरी का सामना नहीं करना पडेगा।
राजधानी और एनसीआर से नजदीक
राजस्थान देश की राजधानी दिल्ली से सटा हुआ है। राजस्थान के अधिकांश शहर-कस्बों से दिल्ली गुरूग्राम फरीदाबाद नोएडा-गाजियाबाद की दूरी 1 से 5 घंटे की ही है। राजस्थान का बहुत बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल है। दिल्ली से जयपुर के बीच गुरूग्राम, धारूहेड़ा, बबाल, भिवाड़ी, नीमराणा, कोटपूतली जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र पहले से ही हैं।
पर्याप्त जमीन
देश भर में राजस्थान एक मात्र ऐसा राज्य है, जिसके पास उद्योगों को देने के लिए पर्याप्त जमीन है। किसी अन्य प्रदेश के पास राजस्थान से ज्यादा जमीन नहीं है।
भौगोलिक स्थिति
राजस्थान की भौगोलिक स्थिति भी उपयुक्त। मुम्बई, दिल्ली, अहमदाबाद, इंदौर, सूरत आदि उद्योग-व्यापार के केन्द्रों के आसपास स्थित है।
समुद्र बट से नजदीकी
गुजरात और महाराष्ट्र के समुद्र तटों की नजदीकी भी प्लस पॉइंट है। जोधपुर, उदयपुर, बाड़मेर, जालोर, सिरोही, पाली, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, कोटा, है। राजस्थान की भूमि से बिड़ला, बजाज, मित्तल, मोदी, सिंघानिया, बांगड़ जैसे औद्योगिक समूह निकले हैं, जिन्होंने देश-विदेश में नाम कमाया है।
बेहतर एनवायरमेंट
देश भर में किसी भी प्रदेश की तुलना में राजस्थान में पर्यावरण संबंधी मुसीबतें (बाढ़, भूकम्प, तूफान, चक्रवात, बिजली गिरने की घटनाएं) सबसे कम हैं।
कम अपराध
देश के अधिकांश प्रदेशों की तुलना में राजस्थान को अपराधों के मामले में शांत प्रदेशों में गिना जाता है।
बड़े उद्योगपतियों की भूमि
देश में गुजरात, महाराष्ट और पंजाब के बाद सबसे ज्यादा लोग राजस्थान से हैं, जो विदेशों में रहते हैं। उनका इंडस्ट्रियल नेटवर्क स्थानीय उद्योगपतियों को मदद देता हैं।
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
देश के सबसे महत्वपूर्ण दिल्ली-मुम्बई फ्रेट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का करीब 39 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान से गुजरता है। इस कॉरिडोर से जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर व बांसवाड़ा संभाग सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं।
झोर ऊर्जा: जल्द आएगी जमीन संबंधी नई नीति
झालावाड़ जैसे इलाकों से 4 से 10 घंटों में समुद्री तटों तक पहुंचा जा सकता है। वहां तक पहुंचने के लिए राजस्थान से 7 नेशनल हाईवे, रेल नेटवर्क और हवाई मार्ग की पर्याप्त सुविधाएं हैं। यह नजदीकी औद्योगिक उत्पादों को इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंचाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। राजस्थान में हर तरह के उद्योग विकसित होने की संभावना है। समिट के जरिए राज्य सरकार खनिज, पेट्रोल, मेट्रो रेल, एयरपोर्ट, पर्यटन, दवा, कपड़ा, ऑटोमोबाइल, मोवाइल आदि से जुड़े उद्योग-धंधों को आकर्षित करना चाहती है। इनमें सौर ऊर्जा पहले नंबर पर है। राज्य सरकार राजस्थान को पूरी दुनिया में सौर ऊर्जा उत्पादन के नाम पर एकमात्र डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने पर काम कर रही है। इसके लिए सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए आने वाले निवेशकों को जमीन आवंटन के लिए सरकार पूरी तरह से एक अलग नीति लाने जा रही है। इसका ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। जल्द ही उद्योग मंत्री और मुख्यमंत्री के स्तर पर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इस नीति का मुख्य लक्ष्य यह है कि देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में ज्यादा सस्ती दरों पर जमीन निवेशकों को उपलब्ध करवाई जा सके।
Editorial

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