Chitta Samadhi Camp
मुंबई। मुनि कमलकुमार स्वामी के सानिध्य में तेरापंथ महिला मंडल (Terapanth Mahila Mandal) डोंबिवली ने चित्त समाधि शिविर (Chitta Samadhi Camp) का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि चित्त समाधि से चाहे आध्यात्मिक हो या सांसारिक सभी कार्य सुव्यवस्थित संपादित हो सकते हैं। चित्त अशांति से अलगाव, टकराव, दुराव व मनमुटाव बढ़ता है। मानवीय गुणों का विकास करना प्रत्येक व्यक्ति के लिए अति आवश्यक है। अंतर्मन से तारतम्य स्थापित करने का एकमात्र माध्यम है चित्त की निर्मलता और चित्त की निर्मलता तभी संभव है जब चित्त में समाधि हो। जीवन का उत्तरार्ध बने खुशहाल विषय पर उर्मिला बड़ाला ने विचार रखे। योग प्रशिक्षक कविता संचेती ने प्रयोगात्मक प्रशिक्षण दिया। जूली मेहता एवं सभी संस्था पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।
Editorial

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