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रामलला की आरती भी कर रहे विदेशी भक्त
By EditorialPublished on
क्या देश क्या विदेश, सभी स्थानों से भक्त अनवरत रामनगरी आ रहे हैं। ये रामलला (Ramlalla) का दर्शन तो कर ही रहे, आरती में भी शामिल हो रहे हैं। इनमें दूसरे देशों की नागरिकता वाले विदेशी भक्त भी शामिल होते हैं। ट्रस्ट के अनुसार, लगभग हर सप्ताह किसी न किसी आरती में विदेशी भक्त शामिल होते हैं। बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय भी आते हैं।

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अयोध्या (एजेंसी)। क्या देश क्या विदेश, सभी स्थानों से भक्त अनवरत रामनगरी आ रहे हैं। ये रामलला (Ramlalla) का दर्शन तो कर ही रहे, आरती में भी शामिल हो रहे हैं। इनमें दूसरे देशों की नागरिकता वाले विदेशी भक्त भी शामिल होते हैं। ट्रस्ट के अनुसार, लगभग हर सप्ताह किसी न किसी आरती में विदेशी भक्त शामिल होते हैं। बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय भी आते हैं।
जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के आकार ले लेने के बाद से प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त आ रहे हैं। इन्हीं में वो भक्त भी होते हैं, जो विदेश से आते हैं। दूसरे देशों से आने वाले श्रद्धालुओं में ज्यादातर तो वह होते हैं, जो प्रवासी भारतीय हैं। कुछ ऐसे भी भक्त होते हैं, जिनकी नागरिकता दूसरे देशों जैसे अमेरिका, इंग्लैंड, रूस, कनाडा आदि की है। ये भक्त दर्शन करने तो नियमित आते हैं, पर इनकी संख्या काफी कम होती है। ये स्थानीय गाइड के निर्देशन में रामलला व हनुमानजी का दर्शन-पूजन करते हैं। साथ ही प्रत्येक सप्ताह किसी न किसी आरती में भी विदेशी भक्त हिस्सा लेते हैं। ये ट्रस्ट के कार्यालय से आरती पास बनवाते हैं। अब तक लगभग 100 देशी और 200 प्रवासी भारतीय इनमें भाग ले चुके हैं। स्वतंत्रता दिवस पर शयन आरती में अमेरिका के हवाई शहर के राबर्ट जोसेफ शामिल हुए। मंदिर से निकलने के बाद उन्होंने कहा था कि वह जल्द फिर अयोध्या लौटेंगे।
प्रतिदिन तीन आरतियों के जारी होते हैं 450 पास
रामलला की प्रतिदिन पांच आरतियां (मंगला, श्रृंगार, भोग, संध्या व शयन) होती हैं। इनमें से तीन आरतियों का ट्रस्ट पास जारी करता है। भोग व संध्या आरती के पास नहीं जारी किए जाते हैं। प्रत्येक आरती के 150-150 पास जारी होते हैं। इन्हें ट्रस्ट के यात्री सेवा केंद्रों से या फिर आनलाइन बनवाया जा सकता है। सुबह चार बजे मंगला आरती, छह बजे श्रृंगार आरती और रात दस बजे शयन आरती होती है।

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