GST refund scam
मुंबई। राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अनिवार्य सत्यापन नियम का पालन किये बिना रिफंड प्रदान करनेवाले सेल्स टैक्स अधिकारी की संलिप्तता वाले 175 करोड़ के जीएसटी रिफंड घपले (GST refund scam) में चार्जशीट जमा कर दी है।
चार्जशीट के मुताबिक, रिफंड का दावा करनेवाली 16 कंपनियों में से अधिकांश के पते केवल कागज पर ही मौजूद हैं। चार्जशीट के अनुसार अमित लालगे, राज्य बिक्री कर निरीक्षक अधिकारी ने इन कंपनियों का कोई दौरा नहीं किया और ना ही कोई पुष्टि की और बावजूद इसके पांच दिनों में रिफंड को मंजूरी दे दी, जबकि इसे 60 दिन में मंजूरी देने की गुंजाइश थी।
यह चार्जशीट 11 हजार 900 पन्नों की है। एसीबी ने मंगलवार को विशेष एसीबी अदालत में अमित लालगे, कस्टम्स क्लीयरिंग एजेंट किरण भानुशाली, बिजनेसमैन फारूक शेख और फारूक कॉन्ट्रैक्टर इन चार के खिलाफ यह चार्जशीट दाखिल की। पुलिस ने अभी तक पांचवे आरोपी अनिल रुनथाला के खिलाफ चार्जशीट फाइल नहीं की है। अनिल को इस माह की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था।
चार्जशीट के मुताबिक जीएसटी रिफंड का यह घपला अगस्त 2021 से मार्च 2022 के बीच हुआ था। लेकिन हाल ही में एक ऑडिट में यह घपला उजागर हुआ था। आरोपी लालगे को 5 लाख रुपये से ज्यादा के किसी रिटर्न् फाइल को मंजूरी देने का अधिकार ही नहीं था। आरोपी शेख को इस साल मार्च में सीबीआई ने 200 करोड़ रुपये के एक अन्य घपले के मामले में गिरफ्तार किया था।
Editorial

Editorial

Next Story