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रांची (एजेंसी) । पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन (Champai Soren) को लेकर राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा तेज है कि वह अपनी पार्टी से नाराज चल रहे हैं और शीन्न ही भाजपा (BJP) में शामिल हो सकते हैं। चम्पई सोरेन फिलहाल हेमंत सरकार (Hemant Sarkar) में जल संसाधन (Water Resources) और उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) के मंत्री हैं। अटकलों के बीच उन्होंने शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में जल संसाधन विभाग के भूमिगत पाइप लाइन सिंचाई योजना का उद्घाटन किया। उनसे जब भाजपा में जाने की अटकलों को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि मेरे दिल्ली में होने की चर्चा हो रही है, लेकिन मैं तो यहीं हूं।
चम्पाई सोरेन को लेकर अटकलों की वजह भी है। सीएम पद से हटाए जाने के बाद कई मौकों पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनकी तारीफ की है। विधानसभा के मानसून सत्र में भी भाजपा नेताओं ने सदन के भीतर उनकी प्रशंसा की। भाजपा के चुनाव सह प्रभारी हिमंत बिस्वा सरमा समेत प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने उनके साथ सहानुभूति प्रकट करते हुए झामुमो नेतृत्व पर कई बार निशाना साधा है। उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव (LokSabha elections) के ठीक पहले सीता सोरेन ने भाजपा में शामिल होकर झामुमो को झटका दिया था। भाजपा ने उन्हें दुमका से घोषित प्रत्याशी सुनील सोरेन को हटाकर चुनाव मैदान में उतारा था। हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिल पाई। उधर, हाल ही में विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिए गए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बोरियो से पूर्व विधायक लोविन हेम्ब्रम का भाजपा में शामिल होना लगभग तय हो चुका है। लोबिन हेम्ब्रम ने राजमहल संसदीय क्षेत्र से अपने ही दल के प्रत्याशी के विरूद्ध निर्दलीय चुनाव लड़ा था। झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन की शिकायत पर उन्हें विधानसभा अध्यक्ष ने विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिया था । लोबिन हेम्ब्रम अरसे से मोर्चा के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ बोलते रहे हैं। वह संताल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठ के विरोध में भी मुखर हुए हैं। यह रूख भाजपा के मुद्दे से मेल खाता है।
Editorial

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