pt usha
नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय ओलिंपिक संघ (Indian Olympic Association) (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा (PT Usha) ने विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ओवरवेट मामले (overweight case) में कहा, वजन का मैनेजमेंट (Weight management) करने की जिम्मेदारी खिलाड़ी और उसके कोच की होती है। इसके लिए मेडिकल टीम (Medical Team) को दोषी ठहराना ठीक नहीं है। खासकर कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, मुक्केबाजी और जूडो जैसे खेलों में।
पीटी उषा ने आगे कहा, आईओए मेडिकल टीम, खास तौर पर डॉ. पारदीवाला के प्रति जो नफरत भरी टिप्पणियां की जा रही हैं, वह अस्वीकार्य है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आईओए मेडिकल टीम पर आरोप लगाने वाले लोग किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों पर विचार करेंगे।
आईओए द्वारा नियुक्त चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. दिनशॉ पारदीवाला और उनकी टीम मुख्य रूप से एथलीटों के इवेंट दौरान और बाद में उनकी रिकवरी और इंजरी मैनेजमेंट में सहायता कर रही थी। इस टीम को उन एथलीटों की सहायता के लिए भी बनाया गया था, जिनके पास न्यूट्रिशनिस्ट और फिजियोथेरेपिस्ट की अपनी टीम नहीं थी। विनेश फोगाट के सिल्वर मेडल पर फैसला अब 13 अगस्त को आएगा। यह जानकारी शनिवार को कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (सीएएस) ने दी थी। शुरूआती जानकारी में 11 अगस्त को फैसला सुनाने की बात सामने आई थी, लेकिन इसे अब फिर 13 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया। 9 अगस्त को सीएएस ने 3 घंटे तक इस मामले की सुनवाई की थी। इस दौरान विनेश भी वर्चुअली मौजूद रहीं। भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) की ओर से सीनियर वकील हरीश साल्वे ने विनेश का पक्ष रखा।
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