✕
महादेव एप सट्टेबाजी मामला : टॉप हवाला ऑपरेटर के खिलाफ देशभर में लुक आउट नोटीस जारी
By EditorialPublished on
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप के मामले (Mahadev app betting case) से जुड़े अहमदाबाद के एक हवाला ऑपरेटर दिनेश कुमार व्यास ऊर्फ दिनेश भाई की तलाश में छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ मिलकर मुंबई क्राइम ब्रांच ने तलाशी और धरपकड़ अभियान छेड़ दिया है।

x

मुंबई। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप के मामले (Mahadev app betting case) से जुड़े अहमदाबाद के एक हवाला ऑपरेटर दिनेश कुमार व्यास ऊर्फ दिनेश भाई की तलाश में छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ मिलकर मुंबई क्राइम ब्रांच ने तलाशी और धरपकड़ अभियान छेड़ दिया है। बुधवार को दिनेश के खिलाफ देशव्यापी लुकआउट नोटीस जारी किया गया है।
दिनेश को आखिरी बार छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर बुधवार को देखा गया था। बुधवार सायं. 4.30 बजे दिनेश नागपुर जानेवाली फ्लाइट लेने की तैयारी में था कि उसे पकड़ने की कोशिश की गई थी। हालांकि इस धरपकड़ के दौरान दिनेश बच कर भाग गया जबकि उसका एक सहयोगी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सहयोगी का नाम भीखन व्यास है। व्यास से पूछताछ के दौरान उसने बताया कि दिनेश ने उसे सिक्युरिटी गेट के पास मिलने के बुलाया था लेकिन वह नहीं आया। व्यास के मुताबिक, वे बुधवार को गुजरात से यहां पहुंचे थे और यहां से नागपुर जाने की फिराक में थे। व्यास ने दिनेश के इस तरह से घपलेबाजी के मामले में संदिग्ध होने की जानकारी से इंकार किया है।
मुंबई क्राइम ब्रांच छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ मिलकर अब दिनेश को तलाश रही है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने ही मुंबई पुलिस से दिनेश की गिरफ्तारी में मदद मांगी थी। दुर्ग पुलिस ने मंगलवार रात को दिनेश के रायपुर आवास पर छापेमारी की थी जिसमें 80 लाख रुपये नकदी, दो मोबाइल फोन्स, एक नोट गिनने की मशीन और एक, दो, पांच, दस और 20 रुपये मूल्य के नोटों के आठ बंडल बरामद किये गये थे। इसके अलावा हवाला कांड से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, महादेव बेटिंग एप के प्रबंधन और संचालन में दिेनेश की अहम भूमिका थी। बेटिंग की रकम के कलेक्शन की जिम्मेदारी उसी की थी। यह सारी रकम रायपुर के दफ्तर में जमा होती थी और दिनेश हवाला के जरिये सारे लेन-देन को अंजाम दिया करता था। अधिकारियों का दावा है कि महादेव के प्रमोटर्स का दिनेश सबसे करीबी और खास सहयोगी है। मूलत दुर्ग के रहनेवाले दिनेश ने करीब 18 माह पहले अहमदाबाद से कामकाज करना शुरु कर दिया था क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में इस मामले की जांच शुरु कर दी थी।
सट्टेबाजी में शामिल विनय कुमार यादव ऊर्फ सुपरस्टार की गिरफ्तारी और उससे पूछताछ में दिनेश का नाम सबसे पहले सामने आया था। यादव को 28 जून को गिरफ्तार किया गया था जब वह क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल के लिये सट्टेबाजी कर रहा था। यादव ने ही पुलिस को बताया कि उसने सट्टेबाजी की सारी रकम दिनेश को हवाला के जरिये ट्रांसफर कर दी है। यादव ने पुलिस को पूरे नेटवर्क की जानकारी दी है जिसके बाद दिेनेश की गिरफ्तारी की कोशिशें तेज हो गईं। एक जुलाई को यादव की निशानदेही पर छत्तीसगढ़ पुलिस ने हैदराबाद में एक किराये के घर पर छापेमारी की थी जिसमें लोटस 365 के पैनल नंबर 444 का खुलासा हुआ था। पुलिस ने यहां आठ लोगों को गिरफ्तार किया और दर्जनों मोबाइल लैपटॉप सट्टेबाजी के बहीखाते, फर्जी बैंक खातों की तफसील जैसे तमाम सुराग यहां पुलिस के हाथ लगे थे। गिरफ्तार सभी आरोपी छत्तीसगड़ के हैं और किराये का घर लेकर वे आईपीएल और वर्ल्ड कप क्रिकेट मैचों पर सट्टेबाजी चला रहे थे। पुलिस के मुताबिक, सट्टेबाजों ने इसके जरिये करोड़ों रुपये कमाये और सारी रकम दिनेश को हवाला के जरिये पहुंचाई गई।

Editorial
Next Story
Related News
X
