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राजस्थान का विधानसभा सत्र आज से, बजट 10 को
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राजस्थान (Rajasthan) में भजनलाल सरकार (Bhajanlal Sarkar) अपने कार्यकाल का पहला पूर्णकालिक बजट (budget) 10 जुलाई को पेश करेगी। इससे पहले बुधवार से विधानसभा (assembly) का सत्र शुरू होगा। लोकसभा चुनाव (Loksabha Electin) बाद यह सत्र काफी महत्वपूर्ण है। संभावना है कि इस सत्र में कांग्रेस विभिन्न मुद्दों को लेकर भजनलाल सरकार को जमकर घेर सकती है।

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(कार्यालय संवाददाता) जयपुर। राजस्थान (Rajasthan) में भजनलाल सरकार (Bhajanlal Sarkar) अपने कार्यकाल का पहला पूर्णकालिक बजट (budget) 10 जुलाई को पेश करेगी। इससे पहले बुधवार से विधानसभा (assembly) का सत्र शुरू होगा। लोकसभा चुनाव (Loksabha Electin) बाद यह सत्र काफी महत्वपूर्ण है। संभावना है कि इस सत्र में कांग्रेस विभिन्न मुद्दों को लेकर भजनलाल सरकार को जमकर घेर सकती है।
सियासी जानकार लोगों का मानना है कि यह विधानसभा सत्र काफी हंगामेदार रह सकता है। अब सवाल उठ रहे है कि कांग्रेस ने सरकार को घेरने के लिए जो चक्रव्यूह तैयार किया है, उसको भाजपा कैसे भेद पाएगी? सियासी चर्चा है कि इस बार भजनलाल सरकार के पास कांग्रेस को कड़ी टक्कर देने वाले मजबूत नेताओं की कमी है। भाजपा के पास उनके तीन मजबूत नेताओं की तिकड़ी इस बार साथ नहीं है। ऐसे में सरकार सदन में अपने अनुभवी नेताओं की जगह नए लोगों के साथ मैदान में उतरेगी। ऐसे में देखना है कि भजनलाल सरकार कांग्रेस (Congress) की घेराबंदी को किस तरह से तोड़ पाएगी? राजस्थान में भजनलाल सरकार में पार्टी हाईकमान ने नए चेहरों को मौका दिया है। वहीं इस बार भाजपा ने अपने नए खिलाड़ियों के दम पर र विधानसभा का रण जीतने का प्लान तैयार कर लिया है। भाजपा को इस बार अपनी मजबूत तिकड़ी गुलाबचंद कटारिया, राजेंद्र राठौड़ और सतीश पूनिया का साथ नहीं मिलेगा। इसके चलते भाजपा को अब दोगुनी मेहनत के साथ कांग्रेस के सामने उतरना होगा, ताकि कांग्रेस के हमले का कड़ा जवाब दे सके। भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री गुलाबचंद कटारिया असम के राज्यपाल बना चुके हैं।
दूसरी तरफ सतीश पूनिया और राजेंद्र राठौड़ विधानसभा के चुनाव में पहले ही हारकर चित हो चुके हैं। लिहाजा, भाजपा को इस बार अपने तीनों मजबूत नेताओं का साथ नहीं मिल पाएगा। बता दें कि भाजपा की इसी तिकड़ी ने पिछली गहलोत सरकार को जमकर घेरा था। बुधवार से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में कांग्रेस ने भाजपा (BJP) को घेरने के लिए पूरा प्लान तैयार कर लिया है। कांग्रेस भाजपा को नीट पेपर लीक, मंत्रियों के विवादित बयान, ईआरसीपी योजना, चिरंजीव बीमा योजना, नए जिलों, नगर पालिकाओं के रिव्यू, प्रदेश में गहराए बिजली संकट, पानी के संकट समेत कई मुद्दों को लेकर घेरने की तैयारी कर चुकी है। वहीं, भाजपा को इस बार अपने तीन मजबूत नेताओं का साथ नहीं मिलेगा, जबकि कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली, सचिन पायलट, हरीश चौधरी समेत आधा दर्जन मजबूत और अनुभवी नेता है, जो भाजपा को अपने हमले से पस्त कर सकते हैं। बता दें कि डोटासरा अपने मारवाड़ी लहजे के कारण कई बार भाजपा पर तीखा हमला कर चुके हैं।
भजनलाल सरकार सरकार के मंत्रिमंडल में अनुभवी लोगों की बात करें तो केवल किरोड़ी लाल मीणा और मदन दिलावर दोनों अनुभवी मंत्री हैं, बाकी अन्य सभी लोग पहली बार कैबिनेट में शामिल हुए है। हालांकि, मंत्रिमंडल में सांसद रह चुकी दिया कुमारी और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भी हैं, जे अपने तेज तर्रारों तेवरों के कारण काफी सुर्खियों में रहते हैं। ऐसे में कांग्रेस को टक्कर देने के लिए इस बार भजनलाल सरकार का दारोमदार किरोड़ी लाल मीणा, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और दिया कुमारी की तिकड़ी पर होगा, क्योंकि मदन दिलावर भले ही अनुभवी मंत्री हैं, लेकिन इन दिनों अपने विवादित बयानों के कारण दिलावर कांग्रेस का खूब निशाना बने हैं।

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