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मुंबई। दादर (Dadar) में मुनि कुलदीप कुमार (Muni Kuldeep Kumar), मुनि मुकुल कुमार (Muni Mukul Kumar) के सानिध्य में आचार्य महाप्रज्ञ अभ्यर्थना समारोह (Acharya Mahapragya Application Ceremony) हुआ। मुनि मुकुल कुमार ने आचार्य महाप्रज्ञ का जीवन दर्शन अंकों से कैसे प्रभावित था और अंक हमारे जीवन में क्या महत्व रखते हैं, इसकी विवेचना की। आचार्य महाप्रज्ञ की साधना का रहस्योद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ जब मुनि नथमल के रूप में विक्रम संवत 2005 का चातुर्मास आचार्य तुलसी की सन्निधि में कर रहे थे, तब उनका स्वास्थ्य अनुकूल नहीं था। हुलासी बाई भूतोड़िया की प्रेरणा से प्राकृतिक चिकित्सक मतादिन शर्मा के संपर्क में आए और उन्होंने प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से योगासन एवं प्राणायाम की रुचि जागृत हुई। उन्होंने चैतन्य केंद्र, प्रेक्षा ध्यान साधना का आरंभ कैसे हुआ आदि विषय पर जानकारी दी। मुनि कुलदीप कुमार ने नथमल से महाप्रज्ञ बनने की यात्रा पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर मुमुक्षु विकास बाफना अमित रांका अरविंद धाकड़ गणपत मारू डालचंद कोठारी तेरापंथ (terapanth) सभाध्यक्ष अर्जुनलाल धाकड़ मंत्री पंकज चोपड़ा युवक परिषद अध्यक्ष नीतेश भंसाली मंत्री रजत मारू तेरापंथ भिक्षु आदर्श सेवा संघ अध्यक्ष मनोहरलाल कोठारी मंत्री अशोक मेहता मौजूद रहे। संचालन पंकज चोपड़ा ने किया।
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