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पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को चौबीस घंटे में पुणे से धर दबोचा
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दक्षिण मुंबई (South Mumbai) के चीरा बाजार (Chira Bazaar) से शनिवार को अगवा हुये एक 30 साल के कर्मचारी को एलटी मार्ग पुलिस (LT Marg Police) ने रविवार शाम पुणे (Pune) से छुड़ा लिया। अगवा कर्मचारी भायंदर में एक चांदी कलाकृति (silver artwork) यूनिट्स में काम करता था। पुलिस के मुताबिक एक गारमेंट कारोबारी (garment merchant) ने कर्मचारी का अपहरण किया था क्योंकि उसने कारोबारी से 30 लाख की ठगी की थी। कपड़ा कारोबारी और उसके सहयोगियों ने कर्मचारी को अगवा किया और उसे पुणे के कोंधवा इलाके में ले गये थे। पुलिस ने जांच कर

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मुंबई। दक्षिण मुंबई (South Mumbai) के चीरा बाजार (Chira Bazaar) से शनिवार को अगवा हुये एक 30 साल के कर्मचारी को एलटी मार्ग पुलिस (LT Marg Police) ने रविवार शाम पुणे (Pune) से छुड़ा लिया। अगवा कर्मचारी भायंदर में एक चांदी कलाकृति (silver artwork) यूनिट्स में काम करता था। पुलिस के मुताबिक एक गारमेंट कारोबारी (garment merchant) ने कर्मचारी का अपहरण किया था क्योंकि उसने कारोबारी से 30 लाख की ठगी की थी। कपड़ा कारोबारी और उसके सहयोगियों ने कर्मचारी को अगवा किया और उसे पुणे के कोंधवा इलाके में ले गये थे। पुलिस ने जांच कर उस इलाके से अपह्त युवक को छुड़ा लिया और उसे मुंबई ले आई।
एलटी मार्ग पुलिस के मुताबिक, कर्मचारी हेमंत कुमार रावल (30) भायंदर में सिल्वर आर्टिफैक्ट फैक्ट्री में काम करता था और अपने सहकर्मी कार्तिक सिंह राठोड के साथ चीरा बाजार में रविवार रात को पार्टी कर रहा था। रात करीब 2 बजे तीन लोग आये और रावल को अगवा कर कार में बिठाकर वहां से ले गये थे। रावल के सहकर्मी राठोड ने पुलिस को इसकी जानकारी दी।
इस मामले की जांच के लिये पुलिस की कई टीमें गठित की गईं थी। जहां से रावल को अगवा किया था, पुलिस ने उस इलाके के सारे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो अपहरण कांड में इस्तेमाल कार का नंबर पुलिस के हाथ लगा। इसके मालिक की पड़ताल की गई तो यह वाहन कपूराराम घाची (30), प्रकाश पवार (30) तथा गणेश पत्रा (37) के पास होने की जानकारी मिली। ये तीनों पुणे कोंधवा के रहनेवाले हैं। पुलिस ने वहां से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को मुंबई लाया गया है। पूछताछ में कपड़ा कारोबारी घाची ने दावा किया कि रावल पहले अहमदाबाद में एक गारमेंट ब्रोकर के यहां काम करता था और घाची वहां से कपड़ा खरीदता था। घाची का दावा है कि उसने इस दौरान रावल को 30 लाख रुपये दिये थे लेकिन रावल ने ना तो उसे कपड़ों की सप्लाई दी और ना ही पैसे वापस किये थे। घाची के मुताबिक, रावल ने चेक दिये थे जो बाउंस हो गये थे। लिहाजा इसी रंजिश और चिढ़ के चक्कर में उसने रावल को अगवा किया।

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