Chaturmas Pravesh
मुंबई। श्रमण संघ के महामंत्री कमल मुनि कमलेश का चातुर्मास प्रवेश (Chaturmas Pravesh) भायंदर के ओस्तवाल बगीचा में हर्षोल्लास के साथ हुआ। प्रवेश से पूर्व अहिंसा रैली अंबेश भवन से चातुर्मास स्थल तक निकाली गई, जिसमें हाथ में जैन ध्वज लिए महिलाएं भगवान महावीर के जयकारे लगाते हुए चल रही थी। इस दौरान वीरांगना घोषित विधवायें भी मंगल कलश लेकर चल रही थी। कन्यायें कतारबद्ध होकर चल रही थी और नवयुवक मंडल के कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था संभाल रखी थी।
जीवन सफल बनाएं
मंगल प्रवेश के अवसर पर गुरुदेव कमल मुनि ने कहा कि चातुर्मास के चार महीने तक जो भी जप, तप, ध्यान और स्वाध्याय के कार्यक्रम होने वाले हैं, उसमें भारी संख्या में पहुंच कर उन्हें आत्मसात करें और अपना जीवन सफल बनाएं।
कर्मों की करें निर्जरा
समस्त राजस्थानी संघ भायंदर के तत्वाधान में हो रहे इस चातुर्मास के प्रवेश अवसर पर अध्यक्ष उमराव सिंह ओस्तवाल ने स्वागत करते हुए कहा कि हमारा सौभाग्य है कि कमल मुनि का वर्षावास भायंदर संघ को मिला है। हमें अपने कर्मों की निर्जरा करने के लिए यहां होने वाली आध्यात्मिक गतिविधियों का लाभ उठाना चाहिए।
संघ की सहभागिता
इस अवसर पर कार्याध्यक्ष दिलीप जैन (खाटेड), महामंत्री सुंदरलाल लोढ़ा, प्रचार मंत्री प्रवीण लुणावत और दिनेश चौधरी, मेवाड संघ मुंबई के अध्यक्ष भैरूलाल लोढ़ा, पूर्व अध्यक्ष किशनलाल परमार, भायंदर संघ अध्यक्ष तेजप्रकाश मेहता, महामंत्री संपत पामेचा, अशोक ओस्तवाल, पारस चपलोत आदि उपस्थित रहे। संचालन दिनेश ओस्तवाल ने किया।
तत्पर रहे युवा
प्रवेश के अवसर पर भायंदर नवयुवक मंडल अध्यक्ष अजीत बोकड़िया, महामंत्री योगेश सिसोदिया, कोषाध्यक्ष हेमंत संचेती, संरक्षक सुनील मेहता, राकेश पामेचा, कृष्णा तलेसरा और राकेश पामेचा आदि व्यवस्थाओं में सक्रिय रहे।
अतिथियों ने व्यक्त किये विचार
चातुर्मास प्रवेश के अवसर भारत जैन महामंडल राष्ट्रीय अध्यक्ष चिमनलाल डांगी, उपाध्यक्ष प्रवीण लुनावत, ऑल इंडिया वर्धमान स्थानकवासी जैन कॉंफ़्रेंस के पूर्व अध्यक्ष पारस मोदी, पूर्व विधायक नरेंद्र मेहता, काँफ्रेंस की पूर्व महिला अध्यक्ष रुचिरा सुराणा, जैन दिवाकर मंच राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण सुराणा, परामर्शदाता मंजू जैन और महावीर जैन इन्टरनेशनल से पारस पिपाडा, दिनेश पारख आदि वक्ताओं ने विचार रख कर कमल मुनि कमलेश का स्वागत किया।
सभी संप्रदायों का प्रतिनिधित्व
कमल मुनि के चातुर्मास प्रवेश पर मीरा भायंदर समेत मुंबई व वसई विरार जैसे क्षेत्रों से जैन समाज के सभी संप्रदायों का प्रतिनिधित्व रहा। श्रावक और श्राविकाओं के साथ ही युवा और कन्याओं ने चातुर्मास प्रवेश में हाजिरी लगाई।
Editorial

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