Acharya Pramod Krishnam
संभल (एजेंसी)। कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम (Acharya Pramod Krishnam) ने 'कल्कि एडी 2898' ('Kalki 2898 AD') फिल्म के निर्माता, निर्देशक व कलाकारों को नोटिस भेजा है। उनका कहना है कि फिल्म में दिखाए गए दृश्य काल्पनिक हैं, जो कल्कि भगवान के भक्तों की आस्था को चोट पहुंचा रही है। नोटिस में कहा है कि फिल्म से जुड़े मांगें अन्यथा सुप्रीम कोर्ट में वाद दाखिल कर आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता उज्जवल नारायण शर्मा के माध्यम से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि श्रीमद्भागवत महापुराण के 12वें स्कंद के 18वां श्लोक संभल ग्राम मुख्यस्य ब्राह्मणस्य महात्मनः भवने विष्णुयशसः कल्किः प्रादुर्भविश्यति है। जाहिर है कि भगवान श्री कल्कि के जन्म स्थान व जन्म जहां होना है, सबका उल्लेख है। जबकि, फिल्म में भगवान कल्कि को एआइ तकनीक के सभी लोग माफी जरिए पैदा दिखाया गया है। तथ्यों को तोड़ा मरोड़ा गया है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम का कहना है कि सनातन संस्कृति से खिलवाड़ की इजाजत किसी को नहीं है। उन्होंने कहा कि संभल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल्कि धाम का इस वर्ष 19 फरवरी को शिलान्यास किया है। फिल्म में भगवान श्री कल्कि के अवतरण को जिस रूप में दिखाया जा रहा है उससे मन को ठेस पहुंची है।
Editorial

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