Chaturmas Pravesh
मुंबई। विधवा नारी को सदियों से अपमानित और कलंकित किया जा रहा है। धार्मिक व सामाजिक मंगल कामों से उन्हें वंचित रखा जाता है। उन्हें अपशकुन न माना जाए, क्योंकि ऐसा किसी भी ग्रंथ में उल्लेख नहीं है। इस भेदभाव को दूर करने का बीड़ा उठाया है जैन संत कमल मुनि कमलेश ने, जो अपने चातुर्मास मंगल प्रवेश पर ऐसी महिलाओं के सिर पर मंगल कलश उठवाएंगे।
19 जुलाई को कमल मुनि का भायंदर पूर्व के ओस्तवाल बगीचा में मंगल प्रवेश होगा। प्रातः 8 बजे अंबेश भवन से शोभायात्रा शुरू होगी, जिसमें जैन समाज के श्रावक, महिला मंडल, नवयुवक मंडल और कन्या मंडल की सहभागिता रहेगी। जुलूस में सबसे आगे वीरांगनाएं चलेंगी। इससे पूर्व 18 जुलाई को रात्रि 9 बजे अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली प्रमुख महिला युवा शाखा के पदाधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें देश भर के कार्यकर्ता शामिल होंगे।
प्रवेश की तैयारियों को लेकर समस्त राजस्थानी जैन संघ के अध्यक्ष उमराव सिंह ओस्तवाल की अध्यक्षता में मीटिंग हुई जिसमें कार्याध्यक्ष दिलीप जैन (खाटेड), महामंत्री सुंदरलाल लोढ़ा, प्रचार मंत्री प्रवीण लुणावत और दिनेश चौधरी, भायंदर संघ अध्यक्ष तेजप्रकाश मेहता, अशोक ओस्तवाल, धर्मेश सुराणा, मांगीलाल रांका, अजीत बोकड़िया, योगेश सिसोदिया, हेमंत संचेती, निलेश भोगर और कल्पेश जैन आदि मौजूद रहे।
Editorial

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