Sharad Pawar met Bhujbal
मुंबई। महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव (Vidhansabha Elections) को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। इसी बीच अजित पवार गुट के नेता छगन भुजबल (Chhagan Bhujbal) शरद पवार (Sharad Pawar) से मिलने उनके घर पहुंच गए। शरद पवार और छगन भुजबल की मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने सोमवार को यहां राकांपा प्रमुख शरद पवार से उनके आवास पर मुलाकात की। भुजबल ने अभी तक मुलाकात का कोई कारण नहीं बताया है। महाराष्ट्र मेंआरक्षण के मुद्दे को लेकर सियासी माहौल काफी गर्म है। वहीं, दूसरी ओर, यह देखा जा सकता है कि छगन भुजबल महागठबंधन में नाखुश हैं। इसलिए कहा जा रहा है कि छगन भुजबल इन्हीं दोनों मुद्दों पर चर्चा के लिए शरद पवार से मिलने पहुंचे हैं, लेकिन इस दौरे की वजह अभी तक सामने नहीं आई है। कांग्रेस, एनसीपी (सपा) और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) वाले महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के नेता 9 जुलाई को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं हुए, उनका दावा था कि मराठा आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को विश्वास में नहीं लिया गया।
भुजबल ने दावा किया कि विपक्षी नेता 9 जुलाई को “शाम 5 बजे बारामती से आए एक फोन कॉल के बाद” बैठक से दूर रहे। गौरतलब है कि पुणे जिले का बारामती लोकसभा क्षेत्र 83 वर्षीय शरद पवार का गढ़ है। एनसीपी के सूत्रों ने बताया कि भुजबल को लग रहा है कि पार्टी में उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। उन्होंने कहा कि वह अजित पवार की पार्टी के साथ हैं, लेकिन पार्टी के भीतर राजनीतिक रूप से अलग-थलग हैं। भुजबल की शरद पवार से मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर राज्य के मंत्री और भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि महाराष्ट्र में यह एक परम्परागत परंपरा है कि राजनीतिक नेता अपने वैचारिक मतभेदों के बावजूद एक दूसरे के साथ विचार विमर्श करते हैं। उन्होंने कहा, दो नेताओं के बीच हर बातचीत की छानबीन करना और समय से पहले निष्कर्ष निकालना अनुचित है।
Editorial

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