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पाकिस्तान में खत्म होगा विपक्ष
By EditorialPublished on
पाकिस्तान (Pakistan) में मुख्य विपक्षी दल (Opposition) पाकिस्तान तहरीक-ए- इंसाफ (Pakistan Tehreek-e-Insaf) पर बैन लगाने की तैयारी है। इस पार्टी के मुखिया इमरान खान (Imran Khan) हैं, जो पूर्व पीएम हैं और इन दिनों जेल में बंद है। उनके खिलाफ दंगा भड़काने, घूस लेने और राष्ट्राध्यक्ष होने के नेता मिले उपहारों को बेचने के आरोप हैं। हाल ही में हुए चुनावों में उनकी पार्टी को अच्छी सीटें मिली थीं. लेकिन वह विपक्ष में ही रहे। अब उनकी पार्टी को बैन करने की ही तैयारी हो गई है। सूत्रों का कहना है कि देश विरोधी गतिवि

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इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान (Pakistan) में मुख्य विपक्षी दल (Opposition) पाकिस्तान तहरीक-ए- इंसाफ (Pakistan Tehreek-e-Insaf) पर बैन लगाने की तैयारी है।
इस पार्टी के मुखिया इमरान खान (Imran Khan) हैं, जो पूर्व पीएम हैं और इन दिनों जेल में बंद है। उनके खिलाफ दंगा भड़काने, घूस लेने और राष्ट्राध्यक्ष होने के नेता मिले उपहारों को बेचने के आरोप हैं। हाल ही में हुए चुनावों में उनकी पार्टी को अच्छी सीटें मिली थीं. लेकिन वह विपक्ष में ही रहे। अब उनकी पार्टी को बैन करने की ही तैयारी हो गई है। सूत्रों का कहना है कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों पर पीटीआई के खिलाफ यह ऐक्शन लिया जा रहा है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि सरकार ने फैसला लिया है कि पाकिस्तान तहरीक-ए- इंसाफ पर बैन लगा दिया जाए। इस मामले को अब आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मांग को सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा जाएगा।
इमरान खान ने पीटीआई (PTI) का गठन 1996 में किया था। इसके 22 साल बाद यानी 2018 में पार्टी सत्ता में आई थी और इमरान खान प्रधानमंत्री बने थे। पाकिस्तान की क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रहे इमरान खान की सियासी पारी नॉट आउट नहीं रही और उन्हें 2022 में विश्वास प्रस्ताव में हारने के बाद सत्ता छोड़नी पड़ी। इमरान खान के खिलाफ नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) की पार्टी पीएमएल- एन (PML-N) और आसिफ अली जरदारी (Asif Ali Zardari) की पीपीपी (PPP) समेत कई दलों ने गठजोड़ कर लिया था। इसके चलते उन्हें सत्ता से बेदखल होना पड़ा था। अप्रैल में सत्ता से बेदखल होने के बाद इमरान खान को अरेस्ट कर लिया गया था। तोशाखाना केस (Toshakhana case) में अरेस्ट इमरान खान के समर्थकों ने 9 मई, 2022 को जमकर उपद्रव किया था। इस दौरान पाकिस्तान सेना के कई प्रतिष्ठानों पर भी हमला हुआ था। माना जा रहा है कि उस घटना को ही देशविरोधी गतिविधि माना गया है। इसी के चलते सरकार अब सुप्रीम कोर्ट जाएगी और पीटीआई को बैन करने की ही मांग करेगी।

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