t20
नई दिल्ली (एजेंसी)। बारबाडोस (barbados) में शनिवार को भारतीय क्रिकेट (indian cricket) की किताब में नया अध्याय जुड़ा। साउथ अफ्रीका (South Africa) को हराकर भारतीय टीम चौथी बार वर्ल्ड चैंपियन बनी। 1983 में वेस्टइंडीज को हराकर कपिल देव (Kapil Dev) की कप्तानी में पहली चैंपियन बनी थी। इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) की अगुआई में 2007 में भारत ने पहला टी20 वर्ल्ड कप (t20 world cup) जीता।
2011 में धोनी की ही कप्तानी में वनडे वर्ल्ड कप जीता। इसके बाद बारबाडोस में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने भारत को टी20 में चैंपियन बनाया। इसके साथ ही कपिल देव और महेंद्र सिंह धोनी की क्लब में रोहित शर्मा शामिल हो गए। भारतीय टीम ने 11 साल से चल आ रहे आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म किया। 17 साल बाद टी20 वर्ल्ड कप जीता। कैरेबियाई समुद्र के तट पर बारबाडोस ने क्रिकेट जगत को कई धुरंधर खिलाड़ी दिए हैं। वेस्टइंडीज की टीम को यहां से गैरी सोबर्स, गॉर्डन ग्रीनिज, डेसमंड हेंस, मैल्कम मार्शल, जेसन होल्डर और कार्लोस ब्रेथवेट जैसे दिग्गज मिले।
इस महान धरती पर भारतीय टीम 11 साल बाद आईसीसी ट्रॉफी जीतकर वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के क्लब में शामिल हुई। वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बाद भारत 4 या उससे ज्यादा बार क्रिकेट वर्ल्ड कप चैंपियन बना। वेस्टइंडीज ने 4 वर्ल्ड कप जीते हैं। ऑस्ट्रेलिया ने 7 बार वर्ल्ड कप जीता है। भारत दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीता है। उसके अलावा भारत ही दो बार टी20 वर्ल्ड कप जीता है। भारत ने पहले ही संस्करण में 2007 में टी20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। इसके बाद टीम 2014 में श्रीलंका से फाइनल में हारी थी। भारतीय टीम पिछले 1 साल में तीसरी बार आईसीसी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची थी।
Editorial

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