Panvel Jain Sthanak
मुंबई। पति के देवलोक होने पर पत्नी के साथ जो दुर्व्यवहार किया जाता है, वह पत्नी के मरने पर पति के साथ क्यों नहीं किया जाता। उक्त विचार संत कमल मुनि कमलेश ने वीरांगना सम्मान (Veerangana Samman) समारोह में व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म ग्रंथ में विधवा शब्द का उल्लेख नहीं है। विधवा शब्द नारी समाज और मानवता पर कलंक है। उन्होंने कहा कि सौभाग्यवती से भी वह अनंत गुना महान है जो शील व्रत का पालन करती है और संघर्ष करके परिवार आगे बढ़ती है। वह किसी वीरांगना से कम नहीं है। पनवेल में आयोजित समारोह में 51 वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया।
Editorial

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