SEBI
नई दिल्ली (एजेंसी)। मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने शेयर बिक्री के पैसे को सीधे ग्राहकों के खाते में जमा करना अनिवार्य बना दिया है। संचालन दक्षता और ग्राहकों के पैसों का जोखिम कम करने के उद्देश्य से सेबी ने यह कदम उठाया है। मार्केट रेगुलेटर की ओर से बुधवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नए नियम 14 अक्टूबर से प्रभावी होंगे। मौजूदा नियमों के तहत क्लीवरिंग कारपोरेशन शेयर बिक्री के बाद ब्रोकर के पूल अकाउंट में पैसा जमा करते हैं। इसके बाद ब्रोकर संबंधित ग्राहकों के डीमैट खाते में यह राशि भेजता है। सेबी ने एक बयान में कहा कि शेयर बाजारों, क्लीयरिंग कारपोरेशन (सीसी) और डिपाजिटरीज से व्यापक विचार-विमर्श के बाद शेयर बिक्री का पैसा सीधे ग्राहकों के डीमैट खाते में जमा करने का फैसला किया गया है। सेबी का कहना है कि क्लीयरिंग कारपोरेशन ट्रेडिंग सदस्य (टीएम) या क्लियरिंग सदस्यों (सीएम) के लिए मार्जिन ट्रेडिंग सुविधा के तहत बिना भुगतान वाले और मार्जिन ट्रेडिंग सुविधा वाले शेयरों की पहचान करने के लिए एक तंत्र प्रदान करेंगे।
बेसिक डीमैट खाते की सीमा बढ़ाने पर विचार
सेबी ने कहा है कि वह बेसिक डोमैट खाते के जरिये निवेश की सीमा को मौजूदा 2 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रूपये करने पर विचार कर रहा है। इसका उद्देश्य शेयर बाजारों में खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना है।
Editorial

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