✕
आईसीएआई ने सीए फर्म्स के लिये पेश किया नया नेटवर्किंग मॉडल
By EditorialPublished on
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (Institute of Chartered Accountants of India) (आईसीएआई) (ICAI) की एक कमिटी ने एक नया नेटवर्किंग मॉडल (networking model) प्रस्तावित किया है जिससे कंपनियों को संयुक्त शक्ति और संसाधनों के तालमेल के साथ दोहन करने का अवसर मिलेगा। ऐसे प्रतिष्ठान जहां 50 फीसदी से अधिक सीए पार्टनर्स हैं और जो आईसीएआई के साथ रजिस्टर्ड है, वे साथ आकर एक सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) का गठन कर सकते हैं। वे एक मौजूदा एलएलपी से भी जुड़ सकते हैं जहां 50 फीसदी से अधिक पार्टनर्स हैं और जो

x
मुंबई। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (Institute of Chartered Accountants of India) (आईसीएआई) (ICAI) की एक कमिटी ने एक नया नेटवर्किंग मॉडल (networking model) प्रस्तावित किया है जिससे कंपनियों को संयुक्त शक्ति और संसाधनों के तालमेल के साथ दोहन करने का अवसर मिलेगा।
ऐसे प्रतिष्ठान जहां 50 फीसदी से अधिक सीए पार्टनर्स हैं और जो आईसीएआई के साथ रजिस्टर्ड है, वे साथ आकर एक सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) का गठन कर सकते हैं। वे एक मौजूदा एलएलपी से भी जुड़ सकते हैं जहां 50 फीसदी से अधिक पार्टनर्स हैं और जो बतौर पार्टनर फर्म्स संस्थान के साथ रजिस्टर्ड हैं। सीए फर्म्स के एकत्रित योग हेतु कमिटी प्रस्तावित है। आईसीएआई 6 जून तक इस प्रस्ताव पर जनता से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की जायेंगी।
इस प्रस्तावित दस्तावेज के अनुसार नयी और मौजूदा एलएलपी (LLP) फर्म जो पार्टनर्स को शामिल करेंगी, उन्हें आईसीएआई के साथ रजिस्टर्ड करना होगा। प्रस्ताव के मुताबिक, एलएलपी के पार्टनर्स के तौर पर सम्बद्ध फर्म्स एक लिखित अनुबंध के तहत प्रतिबद्धत होगी लेकिन साथ ही वे स्वतंत्र फर्म्स के तौर पर प्रैक्टिस कर सकेंगी।
एलएलपी एक्ट 2008 के अनुसार भारत के भीतर या बाहर गठित कंपनी एलएलपी फर्म में एक पार्टनर बनने के लिये पात्र है। हालांकि प्रस्तावित मॉडल के तहत, भारत में कम्पनी अधिनियम 2013 अथवा अन्य लागू कानून के तहत निगमित फर्म को इस तरह की इजाजत नहीं है।
ऐसे एलएलपी फर्म के पार्टनर्स को अपने सभी प्रोफेशनल स्टेशनरी जैसे कि विजिटिंग कार्ड्स, प्रोफाइल इत्यादि में पार्टनर फर्म्स को यह जरूर उल्लेखित करना होगा कि वे फलां फलां एलएलपी फर्म नेटवर्क के पार्टनर फर्म्स हैं। उधर एलएलपी फर्म नेटवर्क को भी अपने तमाम प्रोफेशल स्टेशनरीज में यह उल्लेखित करना होगा कि यह एलएलपी फर्म्स इसके पार्टनर फर्म्स का एक हिस्सा है।
आईसीएआई ने एक शिकायत निवारण प्रकोष्ठ भी प्रस्तावित किया है ताकि एलएलपी फर्म नेटवर्क से जुड़ी तमाम समस्याओं को निराकरण किया जा सके।

Editorial
Next Story
Related News
X
