jain
मुंबई। शासनश्री साध्वी विद्यावती (Shashanshri Sadhvi Vidyawati) द्वितीय ने साध्वी प्रियंवदा (Sadhvi Priyamvada) साध्वी प्रेरणाश्री (Sadhvi Preranashree) साध्वी मृदुयशा (Sadhvi Mriduyasha) के साथ तेरापंथ भवन (Terapanth Bhawan) कांदिवली (Kandivali) से विहार किया। यहाँ उनका 18 महीनों का प्रवास रहा।
श्रद्धालुओं ने उन्हें विदाई दी। उनका आगामी चातुर्मास (Chaturmas) दादर में होगा।
Next Story