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मुंबई। कुल मिलाकर एक करोड़ 17 लाख रुपये की ठगी के चार मामलों में शामिल 38 साल के एक शख्स को वर्ली की सेंट्रल रीजन साइबर पुलिस स्टेशन ने राजस्थान के उदयपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी को ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी के मामलों में सहयोगी भूमिका निभाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में जमा करवाई थी। इन बैंक खातों में एक कंपनी का बैंक खाता भी था। गिरफ्तार आरोपी समर्थ विजय सिंह ने कमीशन के चक्कर में आरोपियों को बैंक खाता इस्तेमाल करने दिया था।
दरअसल 19 अप्रैल को एक 49 साल के सरकारी कर्मचारी ने 17.4 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। इस मामले में शिकायतकर्ता ने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा था जिसमें ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग की पेशकश की गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के कहे अनुसार व्हाट्सएप पर खुद को जोड़कर ग्रुप में शामिल कर लिया था। इस ग्रुप में शेयर बाजार पर चर्चा की जा रही थी और लोग अपने मुनाफे की तफसील साझा कर रहे थे। इससे प्रभावित होकर शिकायतकर्ता ने आरोपियों के कहे अनुसार एक एप डाउनलोड किया और निवेश करना शुरु कर दिया। उसे आरोपियों ने मोटे मुनाफे का आश्वासन दिया था। इस तरह शिकायतकर्ता ने 17 लाख 40 हजार रुपये निवेश कर दिये थे। उसे दिखाया गया कि उसकी निवेश की यह रकम 40 लाख पर पहुंच गई है। जब शिकातकर्ता ने यह मुनाफे की रकम निकलवानी चाही तो उसका वर्चुअल एकाउंट ही डिलीट हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता को अपने साथ हुई ठगी का अंदाजा हुआ। शिकायतकर्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद जांच में पता चला कि जिन बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम जमा करने के लिये किया गया था, उसमें एक कंपनी का खाता भी शामिल है। जांच में पुलिस को पता चला कि इस बैंक खाते का इस्तेमाल तीन और ठगी के मामले में किया गया था। ठगी के इन मामलों की कुल करीब 1 करोड़ रुपये की रकम इस बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। इसी तरह के एक और ठगी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों का नाम उदय सिंह (46) और संजय वर्मा (34) है। दोनों आरोपी जयपुर के रहनेवाले हैं। आरोपियों ने शिकायतकर्ता से 18 लाख 31 हजार रुपये की ठगी का शिकार बनाया था। यह रकम भी आरोपियों ने एक कंपनी की बैंक खाते में जमा की थी। जांच में पता चला कि यह एक फर्जी कंपनी का खाता है। कंपनी का बैंक खाता खोलने के लिये जिस शख्स की डिटेल्स इस्तेमाल की गई थी, उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी ने अपना फर्जी तरीके से खोला गया कंपनी का बैंक खाता कमीशन के लालच में आरोपियों को इस्तेमाल के लिये दिया था।
Editorial

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