entry of monsoon rajasthan
जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। राजस्थान (Rajasthan) में मानसून की एंट्री (entry of monsoon) हो गई है। मानसून ने इस बार झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, बारां, कोटा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, और उदयपुर के रास्ते एंट्री की है। इन संभाग के जिलों में बारिश भी अच्छी होने की संभावना है। राजस्थान में सामान्य तौर पर मानूसन 25 जून के आसपास ही प्रवेश करता है। इधर, मंगलवार दोपहर बाद भरतपुर, बाड़मेर, भीलवाड़ा और करौली में बारिश हुई। भरतपुर के रूपवास में बिजली गिरने से 14 साल की लड़की की मौत हो गई। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया अभी परिस्थितियां मानसून के अनुकूल है। अगले दो से तीन दिन के अंदर मानसून पूर्वी राजस्थान के कुछ और जिलों जैसे टोंक, भीलवाड़ा, राजसमंद, जयपुर और सवाई माधोपुर समेत अन्य जिलों में भी प्रवेश कर सकता है। मौसम विशेषज्ञों ने इस बार अच्छी बारिश होने की संभावना जताई है। पश्चिमी राजस्थान में अच्छी बारिश होने के संकेत हैं। वहीं पूर्वी राजस्थान में भी बारिश सामान्य से थोड़ी ज्यादा होने की भविष्यवाणी की है। 26 जून को 6 जिलों में हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है।
17 दिन सिक्किम में अटका रहा मानसून
राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश समेत मध्य और उत्तर भारत के राज्यों में मानसून बंगाल की खाड़ी ब्रांच से आता है। लेकिन इस सीजन मानसून ने पूर्वोत्तर भारत और केरल में साथ एंट्री की थी। जो निर्धारित समय से 2 दिन पहले हुई। 31 मई को ये आगे बढ़ा और सिक्किम, पश्चिमी बंगाल के उत्तरी हिस्सों तक आ गया, लेकिन 31 मई के बाद से 17 जून तक मानसून यही अटका रहा। इधर, अरब सागर की ब्रांच की गति भी 10 जून के बाद से थम गई थी।
11 साल में केवल दो बार समय से पहले एंट्री
पिछले 11 साल की रिपोर्ट देखें तो राजस्थान में 2 बार ऐसा रहा है, जब मानसून की एंट्री राज्य में समय से पहले हुई हो। साल 2013 में मानसून की एंट्री 13 जून को हुई थी, जो समय से करीब 10 से 13 दिन पहले रही। साल 2021 में भी मानसून की एंट्री 18 जून को हुई।
Editorial

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