Income Tax
मुंबई। वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) नई कर व्यवस्था (new tax system) के तहत इनकम टैक्सपेयर्स (income taxpayers) के लिये मानक कटौती सीमा को बढाने की संभावना पर विचार कर रही है। हालांकि मंत्रालय (ministry) द्वारा पुरानी कर व्यवस्ता में छूट के साथ किसी छेड़छाड की उम्मीद नहीं की जा रही है।
इसके साथ ही, एनडीए सरकार अपने तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करने के लिये तैयार है। पूंजीगत लाभ के मौजूदा सिस्टम में कोई भी बदलाव किये जाने की गुंजाईश नहीं दिखाई दे रही है। हालांकि इनकम टैक्स (Income Tax) विभाग इसकी समीक्षा कर रहा था। इस बाबत कई सुझाव भी पेश किये गये थे लेकिन अभी सरकार मौजूदा सिस्टम को डिस्टर्ब करना नहीं चाहती। अभी तक तो कम से कम यही तसवीर नजर आ रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, अधिकांश सरकारी विभाग टैक्सपेयर्स और खासतौर पर मध्यम वर्ग को दी छूट के पक्ष में हैं। मानक कटौती की सीमा बढ़ाने से सभी नौकरीपेशा वेतनभोगी टैक्सपेयर्स को इसका फायदा मिलेगा। इसमें उच्च वर्ग के वे टैक्सपेयर्स भी शामिल होंगे। हालांकि राजस्व के लिहाज से इसमें थोड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पूंजीगत लाभ के सिस्टम के संबंध में प्राप्त सुझावों में सभी असेट क्लास में होल्डिंग अवधि को संरेखित करने की बात कही जा रही थी लेकिन सरकार अभी इसके लिये तैयार नहीं है। साथ ही खपत को बढ़ाने के लिये उच्चतर वर्ग में दरों में बदलाव की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
Editorial

Editorial

Next Story