acharya tulsi
मुंबई। गणाधिपति गुरुदेव तुलसी (Acharya Tulsi) की पुण्यतिथि मुनि कमलकुमार के सानिध्य में आयोजित हुई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य था कि हमें आचार्य तुलसी जैसे युगप्रधान महायशस्वी गुरू के शासनकाल में जन्म लेने का अवसर मिला। आचार्य तुलसी ने विश्व कल्याण के लिए अणुव्रत, प्रेक्षाध्यान, जीवन विज्ञान जैसे अवदानों से जो कार्य किया, वह युगों तक उनकी स्मृति कराता रहेगा। आज महिला मंडल की बहनें उपासक श्रेणी, प्रेक्षा प्रशिक्षिका, ज्ञानशाला से जुड़ कर जो अपनी शक्ति का भक्ति का परिचय दे रही है, वह अनुकरणीय है। गुरुदेव तुलसी ने मात्र 22 वर्ष की उम्र में आचार्य पद‌ पर प्रतिष्ठित होकर तेरापंथ धर्म संघ का विकास किया है, वह एक आदर्श है। कार्यक्रम में मुनि अमनकुमार, मुनि नमिकुमार, मुनि मुकेशकुमार, अणुव्रत समिति अध्यक्ष रोशन मेहता, गणपत हिंगड़, सीमा कोठारी आदि ने विचार रखे। तुलसी चालीसा का संगानकिया गया। संयोजन मुनि अमन कुमार ने किया।
Editorial

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