David Johnson
नई दिल्ली (एजेंसी)। पूर्व भारतीय क्रिकेटर (Former Indian cricketer) डेविड जॉनसन (David Johnson) ने सुसाइड (suicide) कर लिया। उन्होंने चौथे फ्लोर से छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
भारत (India) के लिए डेविड जॉनसन ने दो टेस्ट मैच खेले थे। 1996 में उन्होंने भारत के लिए डेब्यू किया था और उसी साल वे अपना दूसरा टेस्ट मैच भी खेले थे। इसके बाद उनको मौका नहीं मिला।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) और टीम इंडिया के हेड कोच रहे महान गेंदबाज अनिल कुंबले (Anil Kumble), बीसीसीआई सचिव जय शाह समेत तमाम क्रिकेटरों के रिऐक्शन सामने आए हैं और इस पूर्व क्रिकेटर को उन्होंने श्रद्धांजलि दी है।
भारत के लिए दो टेस्ट मैच खेलने के अलावा डेविड जॉनसन ने कर्नाटक के लिए लंबे समय तक रणजी क्रिकेट (ranji cricket) खेली है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उन्होंने गुरूवार को एक निजी अपार्टमेंट में चौथे फ्लोर से छलांग लगाकर आत्महत्या की। वे डिप्रेशन का शिकार थे। सूत्रों ने बताया कि जॉनसन ने अवसाद के ही कारण यह कदम उठाया है। सूचना मिलने पर कोथानूर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को क्रिसेंट अस्पताल ले जाया गया। जॉनसन के निधन की खबर आते ही सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि संदेशों की बाढ़ सी आ गई। जॉनसन के असामयिक निधन पर दुख व्यक्त करते हुए पूर्व भारतीय क्रिकेटर अनिल कुंबले ने एक्स पोस्ट करते हुए लिखा, मेरे क्रिकेट साथी डेविड जॉनसन के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। उनके परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना। बहुत जल्दी चले गए 'बेनी'!
पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने 52 वर्षीय डेविड जॉनसन के निधन पर एक्स पोस्ट करते हुए लिखा, डेविड जॉनसन के निधन से दुखी हूं। भगवान उनके परिवार और प्रियजनों को शक्ति प्रदान करें।
बीसीसीआई (BCCI) सचिव जय शाह (Jai Shah) ने भी शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। शाह ने एक्स पर लिखा, हमारे पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज (Fast bowler) डेविड जॉनसन के परिवार और दोस्तों के प्रति गहरी संवेदना। खेल में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
डेविड जॉनसन तेज गेंदबाजी करते थे, लेकिन उनका करियर लंबा नहीं चला। अक्टूबर 1996 में उन्होंने पहला टेस्ट मैच (Test Match) भारत के लिए खेला और दिसंबर 1996 में उन्होंने दूसरा टेस्ट मैच टीम इंडिया के लिए खेला था, जो आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच उनके करियर का था। कर्नाटक के लिए उन्होंने 39 फर्स्ट क्लास मैच और 33 लिस्ट ए मैच खेले थे। 1992 में उन्होंने घरेलू क्रिकेट में डेब्यू किया था और 2002 तक वे एक्टिव रहे। फिटनेस और फॉर्म के कारण उनको लंबे समय तक भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। दो टेस्ट मैचों में वे 3 विकेट ही निकाल पाए थे।
Editorial

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