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लैब डायमंड कीमतों में गिरावट का असर, कारीगरों के रोजगार पर मंडरा रहा संकट
By EditorialPublished on
लैब-ग्रोन डायमंड्स (एलजीडी) (Lab Grown Diamonds) की कीमतों में गिरावट के चलते अब एलजीडी निर्माण क्षेत्र से जुड़े लाखों कारीगरों पर रोजगार का संकट गहरा गया है। करीब चार लाख कारीगर सूरत में एलसीडी की कटिंग और पॉलिशिंग के काम में हैं। इन कारीगरों को अब वेतन में कटौती और नौकरी की अनिश्चितता के संकट का सामना करना पड़ रहा है।

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मुंबई। लैब-ग्रोन डायमंड्स (एलजीडी) (Lab Grown Diamonds) की कीमतों में गिरावट के चलते अब एलजीडी निर्माण क्षेत्र से जुड़े लाखों कारीगरों पर रोजगार का संकट गहरा गया है। करीब चार लाख कारीगर सूरत में एलसीडी की कटिंग और पॉलिशिंग के काम में हैं। इन कारीगरों को अब वेतन में कटौती और नौकरी की अनिश्चितता के संकट का सामना करना पड़ रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, एलजीडी की कीमतों में गिरावट हुई हैं। कृत्रिम डायमंड्स के एक्सपोर्ट डिमांड भी उम्मीद के मुताबिक नहीं है। इसका असर कारीगरों की कमाई पर पड़ रहा है। डायमंड कारीगरों को हर महीने अब तनख्वाह मिलने में भी 20 दिन की देरी झेलनी पड़ रही है।
साल 2023 में भी एक्सपोर्ट में मूल्य के लिहाज से गिरावट हुई थी लेकिन मात्रा के लिहाज से बढ़ोत्तरी हुई थी। पिछले वर्ष भारत से पॉलिश्ड एलजीडी का एक्सपोर्ट वॉल्यूम के लिहाज से 50 फीसदी बढ़कर 6.45 कैरेट्स तक पहुंच गया गया था। इस साल इस तरह की तेजी नहीं देखने को मिल रही। वॉल्यूम से ज्यादा एक्सपोर्ट मूल्य में गिरावट ने चिंता बढ़ाई है। साल 2024 में लैब में बने डायमंड्स का मूल्य कैलेंडर 2023 की तुलना में 45 फीसदी कम हुआ है। भारत में सालाना 16 मिलियन कैरेट्स एलजीडी का उत्पादन होता है।
डायमंड वर्कर्स यूनियन ऑफ गुजरात के अध्यक्ष रमेश झिलारिया के मुताबिक, डायमंड इंडस्ट्री के कारीगरों की तनख्वाह में देरी हो रही है। एलजीडी की कीमतों में गिरावट जारी है और एक्सपोर्ट उस तरीके से नहीं बढ़ रहा जितनी उम्मीद थी। कारीगरों को डर है कि यदि कीमतों में जल्द ही तेजी से सुधार नहीं हुआ तो उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ सकती है। मौजूदा वक्त में सूरत में 10 लाख से ज्यादा डायमंड कारीगर हैं। इसमें 40 फीसदी के करीब एलजीडी कटिंग और पॉलिशिंग में सक्रिय है।
सूरत में अब 6 हजार एलजीडी रिएक्टर्स हैं जहां 16 मिलियन एलजीडी तैयार किया जाता है। दुनिया के हर दस में से नौ डायमंड की कटिंग और पॉलिशिंग सूरत में ही की जाती है। रशियन मूल के डायमंड्स पर पश्चिमी देशों द्वारा प्रतिबंध के पश्चात नैचुरल डायमंड्स के एक्सपोर्ट में भारी कमी आई थी जिसके बाद एलजीडी डायमंडस यूनिट्स में कारीगरों की तादाद बढ़ी है।
हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, एलजीडी क्षेत्र में कीमतों में गिरावट एक बड़ी चिंता का विषय है। निर्माताओं को हालांकि उम्मीद है कि जल्द ही डायमंड्स की मांग में इजाफा होगा और हालात संभलेंगे।
जानकारों के मुताबिक, शुरुआत में उत्पादन में बहुत ज्यादा तेजी थी क्योंकि मांग की उम्मीद भी ज्यादा थी। लेकिन डायमंड की मांग अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। जबकि निर्माताओं ने अपेक्षित मांग के अनुसार उत्पादन बढ़ाने के लिये मशीनरी इत्यादि में बहुत ज्यादा निवेश कर दिया था। फिलहाल उत्पादन और उम्मीद में बहुत ज्यादा फासला है हालांकि भविष्य में इस फासले के खत्म होने की उम्मीद भी है।

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