Maheshwari of Udaipur
उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर के लिए महेश्वरी चौहान (Maheshwari Chauhan) ने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पेरिस ओलिंपिक (Paris Olympics) में वे भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही है। महेश्वरी ने पेरिस ओलिंपिक 2024 के लिए कालीफाई कर लिया है जो पूरे राजस्थान के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। महेश्वरी शॉटगन में मजबूत दावेदारी करेंगी। महेश्वरी व्यक्तिगत स्पर्धा के साथ ही अनंतजीत के साथ स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में भी एकमात्र भारतीय जोड़ी के रूप में भी शामिल होने जा रही हैं। उनके नाम स्कॉट इवेंट का राष्ट्रीय रिकॉर्ड हैं। महेश्वरी की शादी उदयपुर के राघवेंद्रसिंह राठौड़ के छोटे बेटे अधिराजसिंह के साथ हुई है। इससे पहले कतर की राजधानी दोहा में आईएसएसएफ शॉटगन ओलिंपिक क्वालीफिकेशन चैंपियनशिप में महेश्वरी ने महिलाओं की स्कीट शूटिंग में सिल्वर जीता।
चौहान का ओलंपिक इवेंट पेरिस ओलंपिक में शातेरू में 3,4,5 अगस्त तको होगा। इसके लिए वे इटली में एक महीने से कड़ा अभ्यास कर रही हैं। महेश्वरी 25 जून को उदयपुर आएंगी व जुलाई में फिर से इटली अभ्यास के लिए प्रस्थान करेंगी। वहां से पेरिस के लिए रवाना होंगी। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) की ओर से राष्ट्रीय चयन समिति की बैठक के बाद मंगलवार को पेरिस-2024 ओलंपिक के लिए भारतीय शॉटगन टीम की घोषणा कर दी गई। सीनियर ट्रैप निशानेबाज पृथ्वीराज टॉडिमन ने पुरुष ट्रैप में जगह बना ली है, जबकि राजेश्वरी कुमारी महिला ट्रैप में निशाना साधेंगी। भारत के एकमात्र पुरुष स्कीट निशानेबाज अनंतजीत सिंह नरुका होंगे। रायजा ढिल्लों और महेश्वरी चौहान महिला स्कीट में शॉटगन टीम द्वारा अर्जित पांच कोटा स्थान पूरे करेंगे। महेश्वरी और अनंतजीत स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में एकमात्र भारतीय जोड़ी के रूप में शामिल होने जा रहे हैं।
संयोग है कि नामित सभी पांच खिलाड़ी पहली बार ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने जा रहे हैं। एनआरएआई के महासचिव सुल्तान सिंह ने बैठक के बाद कहा कि ओलंपिक के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा श्री और अगर हाल में संपन्न लोनाटो विश्व कप तो चीजें बदल सकती थीं। लेकिन हमारा मानना है कि हमारे पास बेहतरीन शॉटगन टीम है, जिसने भारत के लिए अब तक के सबसे अधिक पदक जीते हैं और निश्चित रूप से इस बार दूसरा ओलंपिक पदक मिलने की मजबूत संभावना है।
उन्होंने बताया कि महिला ट्रैप निशानेबाज श्रेयसी सिंह के नाम को भी समिति ने मंजूरी दे दी थी और एनआरएआई ने कोटा अदला-बदली के लिए आईएसएसएफ (अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग खेल निकाय) को लिखा था। इस स्थिति में, उनका नाम आईएसएसएफ से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ही प्रकाशित किया जा सकता है।
Editorial

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