train accident
दार्जिलिंग (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल (West Bengal) के दार्जिलिंग (Darjeeling) में सोमवार सुबह 8.55 बजे एक मालगढ़ी ट्रेन (Goods train) ने कंचनजंगा एक्सप्रेस (Kanchenjunga Express) (13174) को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में 15 लोगे की मौत और 60 के घायल होने की जानकारी दी है। रेलवे बोर्ड की चेयरमैन और सीईओ जया बमां ने 5 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। वहीं, ईस्टर्न रेलवे के सीपीआरओ कौशिक मित्रा ने नॉर्थ-ईस्ट फ्रोटेचर रेलवे के हवाले से बताया कि 2 लोको पायलट और एक गार्ड समेत 5 लोगों की मौत हुई है। कौशिक मित्र ने बताया कि कंचनजंगा एक्स्प्रेस ट्रेन के आखिरी में दो पार्सल और एक खुक कोच लगे हुए थे। इसमें कोई पैसेंजर नहीं था। ट्रेन के 5 डिब्बे क्षतिग्रस्त हुए हैं। 12.40 बजे एक स्पेशल ट्रेन सियालदह के लिए रवाना हुई है। ट्रेन में अधिकतर यात्री मालदा और बोलपुर के हैं। सिंगल लाइन पर ट्रेन सेवा शुरू कर दी गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
(Ashwini Vaishnav)
ने घटना में जान गंवाने वाले परिवारों को 10 लाख रुपाए, गंभीर घायलों को 2.50 लाख रुपए और मामूली घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की। इसके अलावा हादसे में मारे गए लोगों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपए और घावलों को 50 हजार रुपए मदद का ऐलान किया गया है
रेल मंत्री बोले- हादसे की जांच होगी
कंचनजंगा एक्सप्रेस दुर्घटना के बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्थाय आज वेपहर वर्जिलिंग पहुंचे। घटनास्थल पर वे बाइक से आए। रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। अश्विनी वैष्णव ने कहा, अभी में दुर्घटनास्थल पर रेस्क्यू का जायजा लेने गया था। घायलों से मिलने अस्पताल भी गया था। डॉक्टर्स, रेलवे स्टाफ, स्टेट गवनमेंट के स्टाफ और गांव के लोगों ने फौरन रेस्क्यू का काम किया। जिला प्रशासन ने 8 लोगों के मौत की जानकारी दी है। अभी सारा फोकस रेस्क्यू और रेस्टोरेशन पर है। साथ ही साथ कमिश्नर रेल रोपटी के द्वारा जो इन्ववायनरी होती है, वो भी शुरू हो गया है। डेटा पाँईट और डेटा लॉग देखा जा रहा है। कंप्लीट इन्क्वायरी के बाद ही हादसे की वजह का पता चलेगा।
खुलासा- गुइस ट्रेन के ड्राइवर की गलती नहीं थी, सिग्नल पहले से ही खराब था
सुबह-सुबह खराव था सिग्नल सिस्टम रेलवे सूत्रों ने चौंकाने वाला खुलास किया है। बताया जा रहा है कि रानीपात्रा रेलवे स्टेशन और पश्चिम बंगाल के छत्तर डाट जंक्शन के बीच सुबह साढ़े पांच बजे से ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम खराब पड़ा था। सूत्रों ने वताया कि ट्रेन नंबर 13174 (सिवालवह कंचनजंगा एक्स्प्रेस) रंमापानी स्टेशन से सुबह आठ बजकर 27 मिनट पर रवाना हुई थी और सुवह पांच बजकर 50 मिनट पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम खराब होने के चलते रानीपतरा रेलवे स्टेशन तथा उत्तर घट के बीच रुकी रही।
रेलवे बोर्ड ने किया चौकाने वाला खुलासा
रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष और सीईओ जय वर्मा सिन्हा ने बताया कि बचाव अभियान पूरा हो गया है। ट्रेन चला रहे चालक (लोको पायलट) ने सिग्नल की अनेदखी की थी, जिसकी बजह से हादसा हुआ। हालांकि, हादसे में उसकी भी मौत हो गई। वहीं, कंचनगंगा एक्सप्रेस के गार्ड ने भी अपनी जान गंवा दी है। उन्होंने रहा कि बनस्तला-सियालदह मार्ग के सभी रेलवे स्टेशनों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं।
Editorial

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