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प्रातःकाल संवाददाता मुंबई। महाराष्ट्र (Maharashtra) में इस साल के आखिरी में होने वाले विधानसभा चुनाव (Vidhansabha Election) के लिए बीजेपी (BJP) ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav) को प्रभारी (incharge ) और अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) को सह प्रभारी नियुक्त किया है। हरियाणा (Haryana) में धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) को प्रभारी और विपल्व कुमार देव को सह प्रभारी बनाया गया है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) को झारखंड का प्रभारी और असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता विश्व सरमा को सह प्रभारी बनाया गया है। जी किशन रेड्डी को जम्मू-कश्मीर का प्रभारी बनाया गया है। भूपेन्द्र यादव और अश्विनी वैष्णव पिछले साल मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भी बीजेपी के प्रभारी थे। यहां 2003 से लगभग निर्वाध रूप से सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा ने 230 सीटों में से 163 सीटें जीतकर शानदार जीत हासिल की। कहा जाता है कि पार्टी मुश्किल स्थिति में है। चुनाव से पहले कहा जा रहा था कि एमपी में इस बार बीजेपी के लिए काफी मुश्किल होने वाली है, लेकिन भूपेंद्र यादव और अश्विनी वैष्णव ने चीजों को भगवा पार्टी के पक्ष में करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महाराष्ट्र बीजेपी प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि लोकसभा चुनाव में एमवीए और एनडीए के बीच सिर्फ 0.3 प्रतिशत वोट का अंतर था। विधानसभा चुनाव में लोग भाजपा और उसके सहयोगियों को वोट देंगे क्योंकि वे जानते हैं कि एमबीए को सत्ता देने से कल्याणकारी परियोजनाएं रुक जाएंगी।
हरियाणा में भी बीजेपी 10 में से 5 लोकसभा सीटें ही जीत सकी। 2019 में पार्टी ने सभी 10 सीटों पर जीत हासिल की थी। कांग्रेस का दावा है कि वह इस राज्य में बीजेपी का विजय रथ रोक देगी । लोकसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की जगह नायब सिंह सैनी को नियुक्त किया। पार्टी ने राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने के लिए धर्मेंद्र प्रधान और विप्लब कुमार देब पर भरोसा जताया है। मध्य प्रदेश का लिंक झारखंड में भी स्पष्ट है, जहां शिवराज सिंह चौहान को प्रभारी बनाया गया है। हिमंत बिस्व सरमा को एक संकटमोचक के रूप में देखा जाता है और उनका राजनीतिक कौशल राज्य में काम आ सकता है, जहां भाजपा झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से हटाने की कोशिश कर रही है।
जम्मू और कश्मीर में 2014 के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव होगा। वहीं 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश के लोग पहली बार अपने विधायक चुनेंगे। भाजपा ने इस साल कश्मीर घाटी में लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) नहीं लड़ा और जम्मू रीजन की उधमपुर और जम्मू दोनों संसदीय सीटें जीतीं। जम्मू- कश्मीर के लिए, जहां सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर से पहले चुनाव कराने का निर्देश दिया है, भाजपा ने केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी को अपना प्रभारी नियुक्त किया है।
Editorial

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