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मुंबई। नये अकादमिक साल में स्कूल (School) खुल गये हैं और महानगर के सरकारी (Government) और अनुदानित स्कूलों (aided schools) को पाठ्यपुस्तकें और किताबें एकीकृत स्वरूप में मिलने लगी हैं। लेकिन प्राइवेट (Private) गैरअनुदानित स्कूलों के बच्चों के लिये पाठ्यपुस्तकें अभी बाजार में उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इन पाठ्यपुस्तकों की बाजार में किल्लत है और इसके चलते अभिभावक परेशान हैं।
राज्य के पाठ्यपुस्तक ब्यूरो बालभारती (Balbharti) द्वारा शुरुआती दौर में सरकारी और अनुदानित स्कूलों के लिये प्रायोगिक स्तर पर पुस्तकें तैयार की गई थीं। प्राइवेट स्कूलों ने भी अभिभावकों को खुले बाजार से प्रत्येक तिमाही के लिये सभी अनिवार्य विषयों की चार पुस्तकों का सेट खरीदने को कहा था। पिछले साल से नये सिस्टम के तहत तैयार ये पुस्तकें आरंभिक स्तर पर अंग्रेजी, अर्ध-अंग्रेजी, मराठी, हिंदी और ऊर्दू भाषा में उपलब्ध कराई गई थीं. लेकिन इस अकादमिक वर्ष से इन्हें गुजराती, कन्नड, तेलुगू, सिंधी, तमिल और बंगाली भाषा में भी उपलब्ध कराया जा रहा है। अभिभावकों के पास हर तिमाही में एक सेट खरीदने का विकल्प है। सरकारी स्कूल 15 जून से खुल रहे हैं जबकि प्राइवेट स्कूल इससे पहले ही खुल गये हैं। अभिभावक पहले और दूसरी तिमाही के पुस्तकों के सेट की मांग कर रहे हैं लेकिन बाजार में बुक स्टोर्स (Book Store) में ये किताबें उपलब्ध नहीं हैं। पहला सेट तो स्टॉक में ही नहीं है। उधर बालभारती की मानें तो अगले सप्ताह से बाजार में सारी किताबें उपलब्ध हो जायेंगी और कोई किल्लत या दिक्कत नहीं होगी।
Editorial

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