✕
चीते से दोगुनी रफ्तार से दौड़ेगी सेमी बुलेट ट्रेन
By EditorialPublished on
मौजूदा समय सबसे तेज दौड़ने वाली ट्रेन वंदेभारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) है, जिसकी अधिकतम स्पीड 180 किमी. प्रति घंटे है और 120 से 160 की स्पीड में दौड़ती नई है। वहीं, अहमदाबाद (Ahmedabad) से मुंबई (Mumbai) के बीच भविष्य में दौड़ने वाली बुलेट ट्रेन (bullet train) 320 किमी. की स्पीड से दौड़ेगी। इसी बीच भारतीय रेलवे दो ट्रेनों का निर्माण करने जा रही है, जो चीते की स्पीड से दोगुनी रफ्तार से दौड़ सकेगी। इसका ऑर्डर भी हाल ही में दिया जा चुका है। मौजूदा समय 52 वंदेभारत एक्सप्रेस देश के विभिन्न शहरों में दौड

x
नई दिल्ली (एजेंसी)। मौजूदा समय सबसे तेज दौड़ने वाली ट्रेन वंदेभारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) है, जिसकी अधिकतम स्पीड 180 किमी. प्रति घंटे है और 120 से 160 की स्पीड में दौड़ती नई है। वहीं, अहमदाबाद (Ahmedabad) से मुंबई (Mumbai) के बीच भविष्य में दौड़ने वाली बुलेट ट्रेन (bullet train) 320 किमी. की स्पीड से दौड़ेगी। इसी बीच भारतीय रेलवे दो ट्रेनों का निर्माण करने जा रही है, जो चीते की स्पीड से दोगुनी रफ्तार से दौड़ सकेगी। इसका ऑर्डर भी हाल ही में दिया जा चुका है। मौजूदा समय 52 वंदेभारत एक्सप्रेस देश के विभिन्न शहरों में दौड़ रही हैं। दिल्ली से भोपाल जाने वाली वंदेभारत अधिकतम 160 किमी. प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ रही है और अन्य रूटों पर दौड़ने वाली ट्रेन ट्रैक के अनुसार 120 किमी. या इससे कम स्पीड से दौड़ रही हैं। बुलेट ट्रेन जापानी तकनीक से बनेगी।
इसी बीच रेलवे ने भारतीय तकनीक से दो सेमी बुलेट ट्रेन बनाने का फैसला किया है, जिसका ऑर्डर पिछले सप्ताह आईसीएफ चेन्नई को दिया गया है। इसका निर्माण वित्तीय वर्ष 2024-25 किया जाना है।
इस ट्रेन की खासियत
मंत्रालय के अनुसार 8-8 कोच की दो ट्रेनें आईसीएफ चेन्नई में तैयार होंगी, जो स्वदेशी तकनीक से बनेंगी। देनों ट्रेनें स्टैंडर्ड गेज की होंगी और पूरी तरह से स्टील बॉडी होगी। यह देश में बनने वाली पहली ट्रेन होगी, जिसकी अधिकतम स्पीड 250 किमी. प्रति घंटे और सामान्य स्पीड 220 किमी. प्रति घंटे की होगी। रेलवे मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जिस मॉडल की (स्टैंडर्ड गेज) ट्रेन बन रही है, उसके लिए फिलहाल कोई ट्रैक नहीं है। बुलेट ट्रेन का ट्रैक ही इस मॉडल के लिए बन रहा है। इसलिए ट्रेनें बनने के बाद दोनों को मुंबई-अहमदाबाज हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर चलाया जा सकता है।
बुलेट ट्रेन पर एक नजर
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन (National High Speed Rail Corporation) मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किमी लम्बी भारत की पहली हाई स्पीड रेल लाइन का निर्माण कर रहा है। देश में पहली बार समुद्र के नीचे सुरंग इसी कॉरिडोर में बनने जा रही है। इसका काम भी शुरू हो चुका है
रेलवे ने कबाड़ बेचकर जितने पैसे कमाए, इतने में एक वंदेभारत ट्रेन हो जाए तैयार
दिल्ली (एजेंसी)। रेलवे ने सामान ढुलाई और टिकट बेचकर कमाई करने के साथ एक और नया तरीका ढूंढ लिया है, जिससे रेलवे मालामाल हो रहा है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में भी उत्तर रेलवे ने खुब कमाई की है। कमाई का यह माध्यम कबाड़ बन गया है। हाल ही में कबाड़ बेचकर 100 करोड़ से अधिक की कमाई का रिकार्ड बन चुका है। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसपंर्क अधिकारी दीपक कुमार के अनुसार उत्तर रेलवे चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 101.11 करोड़ रूपये के स्क्रैप का निपटान करके स्क्रैप विक्री में जोन नंबर 1 पर है। उत्तर रेलवे चालू वित्त वर्ष में 100 करोड़ रूपये की स्क्रैप बिक्री में पहला जोन भी है।
स्क्रैप से आय के साथ साथ रेल परिसरों को साफ-सुथरा बनाए रखने में भी मदद करता है। रेल पटरियों के टुकड़े, स्लीपर, टाई-वार इत्यादि स्क्रैप को एकत्रित कर इसकी बिक्री से सेफ्टी बढ़ाने में मदद मिलती है।
उत्तर रेलवे ने स्टाफ क्वाटरों, केबिनों, शैड, वाटर टैंकों के निपटान के कार्य को मिशन मोड में शुरू किया है। इससे शरारती तत्वों द्वारा पुराने ढांचों के दुरूपयोग की संभावना भी समाप्त होती है। उत्तर रेलवे पर बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए स्क्रैप पीएससी स्लीपरों का निपटान जल्द से किया जा रहा है ताकि राजस्व अर्जित करने के साथ-साथ कीमती जमीन को रेल गतिविधियों के लिए खाली रखा जा सके।

Editorial
Next Story
Related News
X
