✕
करतारपुर की तर्ज पर गुजरात से पाकिस्तान के बीच जैनियों के लिये बनेगा एक कॉरिडोर
By EditorialPublished on
पाकिस्तान सरकार (government of pakistan) के अधिकारी जैन समाज (Jain society) के लिये वीजा मुक्त यात्रा के लिये करतारपुर कॉरिडोर (kartarpur corridor) जैसा प्रोजेक्ट शुरु करने पर विचार कर रहे हैं ताकि भारत से जैन धर्मावलंबी पाकिस्तान के सिंध प्रांत (Sindh Province) में अपने मंदिरों की तीर्थयात्रा कर सकें।

x
प्रातःकाल संवाददाता मुंबई। पाकिस्तान सरकार (government of pakistan) के अधिकारी जैन समाज (Jain society) के लिये वीजा मुक्त यात्रा के लिये करतारपुर कॉरिडोर (kartarpur corridor) जैसा प्रोजेक्ट शुरु करने पर विचार कर रहे हैं ताकि भारत से जैन धर्मावलंबी पाकिस्तान के सिंध प्रांत (Sindh Province) में अपने मंदिरों की तीर्थयात्रा कर सकें।
उल्लेखनीय है कि गुजरात (Gujarat) के बनासकांठा जिले (Banaskantha district) की पाकिस्तान सीमा के पाकिस्तान में सिंध प्रांत के अंदर १२ किलोमीटर की दूरी पर जैन समाज के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं। करतारपुर कॉरिडोर के चलते पंजाब (Panjab) के सिखों को पंजाब सीमा से महज ५ किलोमीटर दूर पाकिस्तान में करतारपुर साहिब गुरूद्वारा की यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसी तर्ज पर अब गुजरात से भी पाकिस्तान जाने के लिये एक कॉरिडोर पर वहां पाकिस्तान में विचार किया जा रहा है।
जैन हेरिटेज फाउंडेशन (Jain Heritage Foundation) की ओर से बनासकांठा और सिंध के थारपारकर के बीच एक कॉरिडोर की मांग की जाती रही है। यहां करीब आठ ऐतिहासिक जैन मंदिर (Jain temple) है जिनमें अति प्रतिष्ठित गोरी पार्श्वनाथ मंदिर (Parshvanath Temple) भी है। जैन समुदाय पाकिस्तान से पूरी तरह पलायन कर चुका है और वहां इन धर्मस्थलों और ऐतिहासिक विरासतों की देखभाल करनेवाला कोई नहीं है। फाउंडेशन के जनरल सेक्रेटरी अश्वनी जैन के मुताबिक सिंध प्रांत के पर्यटन मंत्री जुल्फिकार अली शाह ने करतारपुर कॉरिडोर की दर्ज पर गुजरात और पाकिस्तान के बीच एक कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि महामारी के चलते यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया था लेकिन अब इस पर फिर से विचार किया जा रहा है।

Editorial
Next Story
Related News
X
