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कैबिनेट पद से कम मंजूर नहीं
By EditorialPublished on
नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री (Prime Minister) बने। हालांकि, शपथ ग्रहण समारोह से पहले एनसीपी (NCP) ने तेवर दिखाए। एनसीपी चीफ और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) ने कहा है कि उनकी पार्टी को कैबिनेट पद से कम कुछ मंजूर नहीं है। एनसीपी को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार का पद ऑफर किया गया था, जिसे पार्टी ने स्वीकार नहीं किया।
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नई दिल्ली (एजेंसी)। नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री (Prime Minister) बने। हालांकि, शपथ ग्रहण समारोह से पहले एनसीपी (NCP) ने तेवर दिखाए। एनसीपी चीफ और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) ने कहा है कि उनकी पार्टी को कैबिनेट पद से कम कुछ मंजूर नहीं है। एनसीपी को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार का पद ऑफर किया गया था, जिसे पार्टी ने स्वीकार नहीं किया।
महाराष्ट्र (Maharashtra) के डिप्टी सीएम और एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने कहा, प्रफुल्ल पटेल (Prafull Patel) केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और हमें स्वतंत्र प्रभार वाला राज्य मंत्री लेना ठीक नहीं लगा। इसलिए हमने उनसे (भाजपा से) कहा कि हम कुछ दिन इंतजार करने को तैयार हैं, लेकिन हमें कैबिनेट पद चाहिए। उन्होंने आगे कहा, आज हमारे पास एक लोकसभा (Loksabha) और एक राज्यसभा ( Rajya Sabha) सांसद है, लेकिन अगले 2-3 महीनों में हमारे पास राज्यसभा में कुल 3 सदस्य होंगे और संसद में हमारे सांसदों की संख्या 4 होगी। इसलिए हमने कहा कि हमें एक (कैबिनेट) सीट दी जानी चाहिए।
इससे पहले, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी रविवार को कहा था कि अजित पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नरेंद्र मोदी सरकार में कैबिनेट में जगह चाहती है और उन्होंने स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री (एमओएस) की भाजपा की पेशकश को ठुकरा दिया। उन्होंने कहा, हमने एनसीपी को स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री की एक सीट की पेशकश की थी, लेकिन वह इस बात पर अड़ी थी कि (राज्यसभा सांसद) प्रफुल्ल पटेल के नाम को अंतिम रूप दिया जाए। उनके (पटेल के) अनुभव के कारण, एनसीपी का मानना था कि उन्हें स्वतंत्र प्रभार वाला राज्य मंत्री नहीं बनाया जा सकता। वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, गठबंधन सरकार में एक फॉर्मूला तैयार किया जाना चाहिए, जिसे एक पार्टी के लिए नहीं तोड़ा जा सकता। मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि जब भी कैबिनेट विस्तार होगा, (केंद्र) सरकार एनसीपी पर विचार करेगी। हमने अभी एनसीपी को शामिल करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कैबिनेट पोर्टफोलियो पर जोर दिया।

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