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सितंबर में होंगे जम्मू- कश्मीर विधानसभा चुनाव
By EditorialPublished on
सात चरणों में कराए जा रहे लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) का अंतिम 7वां चरण (7th step) 1 जून को खत्म हो जाएगा। इसके बाद अब सब की निगाहें जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में 30 सितंबर से पहले होने वाले विधानसभा चुनावों (Vidhansabha Election) पर लगनी शुरू हो गई हैं। सूत्रों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर की 90 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव सितंबर में ही कराए जाने की उम्मीद है। दिल्ली (Delhi) की तरह घाटी में चुनाव एक ही दिन में नहीं बल्कि चार से छह चरणों में आयोजित कराए जा सकते है। आर्टिकल 370 के निरस्त होने के बा

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जम्मू (एजेंसी)। सात चरणों में कराए जा रहे लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) का अंतिम 7वां चरण (7th step) 1 जून को खत्म हो जाएगा। इसके बाद अब सब की निगाहें जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में 30 सितंबर से पहले होने वाले विधानसभा चुनावों (Vidhansabha Election) पर लगनी शुरू हो गई हैं। सूत्रों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर की 90 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव सितंबर में ही कराए जाने की उम्मीद है। दिल्ली (Delhi) की तरह घाटी में चुनाव एक ही दिन में नहीं बल्कि चार से छह चरणों में आयोजित कराए जा सकते है। आर्टिकल 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में यह पहला विधानसभा चुनाव होगा। हालांकि, इस बारे में अभी तक भारतीय चुनाव आयोग की तरफ से आधिकारिक रूप से किसी तारीख की घोषणा नहीं की गई है। लेकिन सूत्रों ने संकेत दिए है कि जम्मू-कश्मीर में सितंबर में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। इसके लिए प्रक्रिया अगस्त में शुरू हो जाएगी। वैसे, चुनाव पहले भी कराए जा सकते थे लेकिन चुनाव ना कराने के पीछे दो अहम कारण बताए हैं।
क्यों नहीं हुए लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव ?
लोकसभा चुनावों के दौरान अन्य राज्यों की तरह जम्मू-कश्मीर में इसलिए विधानसभा चुनाव नहीं कराए जा सके क्योंकि इस दौरान देशभर में सुरक्षा चलों की जरूरत थी। ऐसे में जम्मू-कश्मीर के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल मुहैया नहीं हो पाते। इसकी जानकारी चुनाव आयोग भी पहले ही दे चुका है। दूसरा, बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए अमरनाथ यात्रा (Pilgrimage to Amarnaath) 29 जून से शुरू होकर रक्षाबंधन वाले दिन 19 अगस्त को खत्म होगी। ऐसे में इस दौरान विधानसभा चुनाव कराना भी आयोग के लिए सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चुनौती होती । सूत्रों का कहना है कि 19 अगस्त को अमरनाथ यात्रा खत्म होने के साथ ही जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यहां चुनावों की घोषणा यात्रा खत्म होने से कुछ दिन पहले भी जा सकती है।
एक सीट पर 15 प्रत्याशी आजमा सकते हैं किस्मत
सूत्रों का यह भी कहना है कि यहां की 90 विधानसभा सीटों पर 1300 से 1400 उम्मीदवारों के खड़े होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि एक सीट पर औसतन 15 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे। चूंकि घाटी में भले ही शांति होने का दावा किया जाता है लेकिन यहां चुनावों में खड़े होने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को आयोग सिक्योरिटी कवर मुहैया कराएगा। प्रत्येक उम्मीदवार की सुरक्षा में कितने जवान तैनात किए जाएंगे, यह बात चुनाव में खड़े होने वाले उम्मीदवार और उनके द्वारा मांगी जाने वाली सिक्योरिटी पर निर्भर करेगी उसे किस स्तर की भेंट होने के साथ किस स्तर की सुरक्षा दी जाए। इसी वजह से लोकसभा चुनाव के साथ यहां विधानसभा चुनाव नहीं कराए जा सके थे।

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