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अब कोस्टल रोड अक्तूबर में ही खुल सकेगा
By EditorialPublished on
मुंबई (Mumbai) कोस्टल रोड (coastal road) में रिसाव के कारण उत्पन्न चिंता के चलते बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation) ने इस पूरे रोड को खोलने को करीब पांच महीनों के लिये टाल दिया है। अब यह रोड मई के बजाये अक्तूबर में खोला जायेगा। इस कोस्टल रोड को खोलने में करीब दो वर्ष की देरी हो चुकी है। इस प्रोजे्क्ट का काम दिसंबर 2018 में शुरू किया गया था और मूल योजना के मुताबिक साल 2022 में यह कोस्टल रोड शुरु होना था। इस प्रोजेक्ट की कुल कीमत 13 हजार 984 करोड़ रुपये है।

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मुंबई। मुंबई (Mumbai) कोस्टल रोड (coastal road) में रिसाव के कारण उत्पन्न चिंता के चलते बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation) ने इस पूरे रोड को खोलने को करीब पांच महीनों के लिये टाल दिया है। अब यह रोड मई के बजाये अक्तूबर में खोला जायेगा। इस कोस्टल रोड को खोलने में करीब दो वर्ष की देरी हो चुकी है। इस प्रोजे्क्ट का काम दिसंबर 2018 में शुरू किया गया था और मूल योजना के मुताबिक साल 2022 में यह कोस्टल रोड शुरु होना था। इस प्रोजेक्ट की कुल कीमत 13 हजार 984 करोड़ रुपये है।
इस देरी के लिये अधिकारी दो वजहें गिना रहे हैं। पहली वजह श्रमिकों की कमी है। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 20 फीसदी यानि 6500 मजदूर जो साइट पर काम कर रहे थे, वे अपने गांव-घर को लौट गये हैं। मई के दौरान इस तरह से मजदूरों का अपने गांव जाना एक नियमित और सामान्य बात है। दूसरी वजह मानसून की दस्तक है। मानसून एकदम करीब है और मानसून (monsoon) के दौरान सड़क निर्माण में महत्वपूर्ण घटक बिटुमेन नहीं बिछाया जा सकता है।
अभी तक कुल प्रोजेक्ट कार्य का 89.2 फीसदी पूरा हो चुका है और सड़क निर्माण का 88 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है जबकि 91 फीसदी इंटरचेंजर कार्य पूरा किया गया है।दरअसल 10 जून तक मरीन ड्राइव से हाजी अली तक सड़क के उत्तरी दिशा के पट्टे को खोलने की योजना है और उसके पश्चात वर्ली तक काम जारी रहेगा। सड़क पर बिटुमेन बिछाने जैसे कार्यों के लिये सूखी जमीन जरूरी है और मानसून के दौरान इस तरह के काम नहीं किये जा सकते। इसलिये मानसून के दौरान यह काम रूक जायेगा। कोस्टल रोड शुरूआती दौर में नवंबर 2023 से आगे खिसककर मार्च 2024 तक टल गया था। साल 2022 में नैविगेशन स्पैन को 56 मी. से बढ़ाकर 120 मी. करने का निर्णय किया गया।
एमएलए वर्षा गायकवाड (Varsha Gaikwad) ने इस लेटलतीफी के लिये राज्य सरकार की जमकर लताड़ लगाई है। गायकवाड के मुताबिक, सरकार ने पहले तो काम में काफी सुस्ती और ढिलाई बरती जिससे काम की लागत भी बढ़ गई और काम के पूरा होने में देरी भी हो गई। उन्होंने सरकार पर चुनावों के मद्देनजर आधे-अधूरे कामों के उद्घाटन करने और क्रेडिट लेने का आरोप भी लगाया है। उधर मुख्यमंत्री शिंदे (CM Shinde) ने इस तरह से क्रेडिट लेने की किसी भी कोशिश से साफ इंकार किया है।

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