✕
सेवा एवं संस्कार को बनायें जीवन का मूलमंत्र
By EditorialPublished on
उदयपुर। मनुष्य जीवन बहुत ही अनमोल है। इसकी महत्ता को समझते हुए जीवन को स्व कल्याण के साथ पर कल्याण के प्रति समर्पित करते हुए प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में सेवा एवं संस्कार को आत्मसात करते हुए जीवन को सार्थक बनाये क्योंकि सेवा एवं संस्कार ही हमारे जीवन के मूलमंत्र हैं।

x

उदयपुर। मनुष्य जीवन बहुत ही अनमोल है। इसकी महत्ता को समझते हुए जीवन को स्व कल्याण के साथ पर कल्याण के प्रति समर्पित करते हुए प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में सेवा एवं संस्कार को आत्मसात करते हुए जीवन को सार्थक बनाये क्योंकि सेवा एवं संस्कार ही हमारे जीवन के मूलमंत्र हैं। उक्त विचार कोमल मुनि मसा ने खमनोर प्रवास के दौरान श्रीगुरु कुमुद ज्ञानोदय संस्थान परिसर के अवलोकन के बाद धर्मसभा में व्यक्त किये। धर्मसभा को हर्षित मुनि मसा ने भी संबोधित किया। अतिथियों का स्वागत संस्थान अध्यक्ष चौथमल सांखला, मंत्री संजय माण्डोत, कोषाध्यक्ष अशोक सेठिया ने किया। कोमल मुनि ने संस्थान के कार्यो के संबंध में पदाधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। सभा के बाद संस्थान की कार्यकारिणी का विस्तार करते हुये संस्थान प्रमुख पद पर मनोहरलाल लोढ़ा, उपप्रमुख अम्बालाल मेहता, कार्याध्यक्ष प्रकाश माण्डोत, उपाध्यक्ष महेंद्र माण्डोत, सहकोषाध्यक्ष ललित माण्डोत, निर्माण मंत्री युगल वड़ालमिया, सहमंत्री विमल कोठारी एवं विधि एवं न्याय मंत्री रोशनलाल वडाला को मनोनीत किया गया। खमनोर प्रधान भेरूलाल वीरवाल, जमनालाल वीरवाल, बालूसिंह, बाबूलाल पामेचा आदि उपस्थित थे।

Editorial
Next Story
Related News
X
