Without ticket travelling
जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। गर्मियों की छुट्टियां होने के बाद रेलवे में यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। रिजर्वेशन नहीं मिलने पर लोग जबरन रिजर्व कोच में चढ़ रहे हैं। इसको लेकर ट्रेनों में रिजर्व सीट पैसेंजर्स की शिकायतों की बाढ़ सी आ गई। वहीं बे-टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों की तादाद भी बढ़ती जा रही है। इसको देखते हुए एनडब्ल्यूआर ने बिना टिकट वाले यात्रियों को लेकर सख्ती करनी शुरू कर दी है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने बिना टिकट यात्रियों की धरपकड़ कर जुर्माना वसूलना शुरू किया तो चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया। अकेले मई माह में ही एनडब्ल्यूआर में 85 हजार यात्री बे-टिकट पकड़े गए। उनसे मई माह में 4 करोड़ रूपये जुर्माना राशि वसूली गई है। अप्रेल माह में यह राशि 6 करोड़ रूपये रही थी।
उत्तर पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ ने कैप्टन शशि किरण के अनुसार बीते दो माह में जयपुर जंक्शन से लेकर जोधपुर, अजमेर और बीकानेर मंडल में लगभग 1 लाख से ज्यादा यात्री बिना टिकट के यात्रा करते हुए पकड़े गए हैं। इतना ही नहीं साधारण श्रेणी के डिब्बों में अनबुक लगेज भी बड़ी तादाद में ले जाने की शिकायतें भी लगातार मिल रही थी। इन शिकायतों के बाद एनडब्ल्यूआर एक्शन में आया और बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों से मई महीने में 4 करोड़ बतौर जुर्माना वसूल किया गया है।
शिकायतें पिछले 2 महीने में सबसे ज्यादा मिली
सीपीआरओ के मुताबिक अप्रेल में 6 करोड़ और मई महीने में 4 करोड़ की जुर्माना राशि अब तक वसूल की गई है। मई माह की राशि केवल बिना टिकट वाले यात्रियों से वसूली गई है। वहीं अप्रेल माह में 6 करोड़ रूपये की जो राशि वसूली गई है उसमें अनबुक लगेज का जुर्माना भी शामिल है। इनमें वो यात्री हैं जो या तो बिना टिकट ट्रेनों में चढ़े थे या फिर साधारण श्रेणी की टिकट लेकर रिजर्व डिब्बों में यात्रा करते हुए पाए गए थे। रिजर्व सीट वाले यात्रियों ने एनडब्ल्यूआर में इसे लेकर शिकायत की थी। ये शिकायतें पिछले 2 महीने में सबसे ज्यादा मिली है।
साधारण श्रेणी के कोच की संख्या कम होती है
हाल ही के दिनों में ट्रेनों में गर्मियों की छुट्टियों के चलते यात्रीभार बढ़ा है। यही कारण है कि इस तरह की शिकायतें ज्यादा मिल रही है। दूसरा प्रमुख कारण साधारण श्रेणी के डिब्बों में कमी का होना भी है। यात्री भार बढ़ने पर सभी ट्रेनों में समय समय पर डिब्बों की बढ़ोतरी की जाती है। लेकिन उसमें एसी श्रेणी के डिब्बे सबसे ज्यादा होते हैं। साधारण श्रेणी के डिब्बों की संख्या सिर्फ 2 से 4 तक ही रहती है। इसके चलते यात्री एसी डिब्बों में घुस आते हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे ने यात्रियों को आगाह किया है वे उचित टिकट के मुताबिक ही सफर करें अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Editorial

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