Adani Group
नई दिल्ली (एजेंसी)। गौतम अडानी (Gautam Adani) समूह ई-कॉमर्स और फाइनेंस सेक्टर में कारोबार विस्तार की योजना बना रहा है। समूह ना सिर्फ यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के लिए लाइसेंस आवेदन करने वाला है बल्कि को-ब्रांडेड अडानी क्रेडिट कार्ड के लिए बैंकों के साथ बातचीत भी कर रहा है। अडानी समूह के इस नए कदम से गूगल और पेटीएम जैसे कॉम्पिटिटर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक अडानी समूह ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के माध्यम से ऑनलाइन शॉपिंग की पेशकश करने के लिए बातचीत कर रहा है। ओएनडीसी सरकार समर्थित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है। यहां सेलर और
बायर यानी ग्राहक दोनों एक-दूसरे से डायरेक्ट मिलते हैं। इस प्लेटफॉर्म से शॉपिंग करने के लिए पेमेंट ऐप का होना जरूरी है। अगर अडानी समूह के नए प्रयास को अंतिम रूप दे दिया जाता है तो ग्राहकों को सर्विसेज कंज्यूमर ऐप अडानी वन के माध्यम से उपलब्ध होंगी। बता दें कि यह ऐप 2022 के अंत में लॉन्च किया गया था। इस ऐप पर उड़ान और होटल बुकिंग जैसी ट्रैवलिंग सर्विसेज मिलती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक समूह के ई-कॉमर्स और पेमेंट प्लेटफॉर्म सबसे पहले अपने वर्तमान ग्राहकों को टारगेट करेंगे।
अडानी समूह के कई कॉम्पिटिटर होंगे। उदाहरण के लिए गूगल, फोनपे पहले से ही यूपीआई-आधारित पेमेंट ऐप चला रहे हैं जबकि पेटीएम और टाटा जैसे घरेलू समूह ओएनडीसी के माध्यम से किराना और फैशन खरीदारी की पेशकश करते हैं।
बेंगलुरू स्थित टेक एक्सपर्ट जयंत कोल्ला ने कहा, इस देश को सिर्फ तीन कारोबारी समूह चला रहे हैं टाटा, अंबानी और अडानी। अडानी उन तीन समूहों में से एक है जिनके पास जरूरी कंज्यूमर प्रोडक्ट वाले बिजनेस नहीं हैं। ऐसे में यह नई पहल अडानी समूह के लिए नए दरवाजे खोलेगा।
Next Story