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दीपा करमाकर ने रचा इतिहास
By EditorialPublished on
भारत की शीर्ष जिम्नास्ट दीपा करमाकर (Dipa Karmakar) ने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है और वे देश की पहली खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने जिम्नास्टिक में देश को एशियन सीनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल (Asian Championships Gold) दिलाया है।

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नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत की शीर्ष जिम्नास्ट दीपा करमाकर (Dipa Karmakar) ने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है और वे देश की पहली खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने जिम्नास्टिक में देश को एशियन सीनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल (Asian Championships Gold) दिलाया है। रविवार को उन्होंने वुमेन वॉल्ट में ये पदक अपने नाम किया। दीपा का वॉल्ट फाइनल में फाइनल के आखिरी दिन औसत 13.566 का था। ये टूर्नामेंट उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में खेला गया।
30 वर्षीय दीपा करमाकर ने फाइनल में नोर्थ कोरिया की किम सोन ह्यांग और जो क्योंग ब्योल को हराया। ह्यांग का औसत स्कोर 13.466 था और व्योल का स्कोर 12.966 का। दोनों ने क्रमशः सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। 2016 रियो ओलिंपिक खेलों में वॉल्ट फाइनल में चौथे स्थान पर रहीं दीपा ने इससे पहले 2015 में इसी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। हालाकि, पहली बार किसी ने गोल्ड मेडल जीता था।
आशीष कुमार ने 2015 एशियाई चैंपियनशिप में व्यक्तिगत फ्लोर एक्सरसाइज में कांस्य पदक अर्जित किया था। प्रणति नायक ने 2019 और 2020 संस्करण में वॉल्ट स्पर्धा में कांस्य पदक भी जीते, लेकिन दीपा करमाकर ने ना सिर्फ अपने पदक का रंग बदला, बल्कि इसे सीधे स्वर्ण पदक में तब्दील किया। भारतीय खेल प्राधिकरण ने भी दीपा करमाकर की तारीफ करते हुए उनको बधाई दी है। साई ने ट्वीट किया, एशियाई जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में इतिहास रचा गया। प्रेरणादायक, दीपा करमाकर! गोल्ड पर बधाई।
त्रिपुरा की जिम्नास्ट ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि भी हासिल की। तुर्की के मेर्सिन में 2018 एफआईजी विश्व कप में वॉल्ट में स्वर्ण पदक, जिससे वह विश्वव्यापी जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं। डोपिंग के कारण 21 महीने के निलंबन के बाद इस साल प्रतियोगिता में वापसी करने वाली दीपा पेरिस ओलंपिक की दौड से बाहर हो गई हैं। वह शुक्रवार को 46.166 के स्कोर के साथ ऑल- राउंड श्रेणी में 16वें स्थान पर रहीं।

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