Rajasthan chief minister
जयपुर (कासं)। पर्यावरण में वृक्षारोपण का बहुत बडा महत्व है। वृक्ष कम से कम 12 फीट ऊंचा होना चाहिए। उसकी सुरक्षा एवं पानी व्यवस्था निश्चित होनी चाहिए। आज प्रकृति संरक्षण एवं संवर्धन में जीव जगत के लिए वृक्षों का बहुत महत्व हैं गर्मी, सर्दी, वर्षा सभी प्रकृति पर निर्भर करते है। अगर प्रकृति संतुलित रहती है तो मौसम भी समय अनुकूल संतुलित रहेगी अन्यथा, अकाल, बाढ, भूस्खलन, भूकम्प, प्राकृतिक सम्पदा कहर बढायेगी। यह वक्तव्य स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण भारत सरकार एनएसएससी के गैर सरकारी सदस्य और स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण राजस्थान सरकार प्रदेश समन्वयक केके गुप्ता ने व्यक्त किए हैं। प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए गुप्ता ने बताया कि आज के समय में हम देख रहे हैं कि राजस्थान प्रदेश सहित पूरे देश में वातावरण अत्यधिक रूप से प्रदूषित हो रहा तथा तापमान में भी अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है। कारखाने और फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं हमारे पर्यावरण को बिगाड़ रहा है इसके साथ ही अंधाधुंध तरीके से हो रही पेड़ों की कटाई और इसके एवज में इतनी ही अधिक मात्रा में वृक्षारोपण नहीं किया जाना का परिणाम आज हम भुगत रहे हैं। राजस्थान के प्रत्येक शहर का तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच चुका है, जनता और पशु पभी इस प्रचंड गर्मी से बेहाल हो रहे हैं। एक विकट स्थिति में जनता को भी आगे आना होगा और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सजग होकर पर्यावरण और वातावरण की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा। विभिन्न प्रकार की सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाओं को एक जागरूकता अभियान के रूप में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आगाज करना होगा। आगामी वर्षा ऋऋतु में हम यह संकल्प लेंगे कि अधिक से अधिक संख्या में पेड़ लगाए जाएंगे और बड़े पेड़ लगाए जाएंगे जिससे उन्हें धरती में पनपने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। पेड़ लगाने के पश्चात उन्हें पानी देना और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी हमें लेनी होगी।
गुप्ता ने बताया कि बढ़ता प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन के कारण जलवायु और वातावरण दूषित हो रही है। देश में अनेक जगह पर बिना मौसम की बरसात हो रही है और कई जगह पर गत मानसून के दौरान बारिश नहीं हुई जिससे वहां पेयजल का भी संकट उत्पन्न हो गया है।
Editorial

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