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4 जून को खूब पानी अपने साथ रखें
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चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने हाल के कुछ दिनों में दिए गए इंटरव्यू में भाजपा (BJP) की 2019 वाली जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा 2019 के लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) में जितनी सीटें जीती थी, उसके आसपास ही इस चुनाव में भी सीटें आएंगी। इसके अलावा उन्होंने तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर प्र.म. मोदी (PM Modi) की प्राथमिकताओं को लेकर भी भविष्यवाणी की है। उनके इस बयान का विपक्ष और विरोधी आलोचना कर रहे हैं।

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नई दिल्ली (एजेंसी)। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने हाल के कुछ दिनों में दिए गए इंटरव्यू में भाजपा (BJP) की 2019 वाली जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा 2019 के लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) में जितनी सीटें जीती थी, उसके आसपास ही इस चुनाव में भी सीटें आएंगी। इसके अलावा उन्होंने तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर प्र.म. मोदी (PM Modi) की प्राथमिकताओं को लेकर भी भविष्यवाणी की है। उनके इस बयान का विपक्ष और विरोधी आलोचना कर रहे हैं।
पीके ने गुरुवार को एक ट्वीट किया और अपना आलोचकों पर तंज कसते हुए उन्हें 4 जून को भरपूर पानी पीने की सलाह दी है।
प्रशांत किशोर लिखते हैं, पानी पीना अच्छा है क्योंकि यह दिमाग और शरीर दोनों को हाइड्रेटेड रखता है। जो लोग इस चुनाव के नतीजे के बारे में मेरे आकलन से चकित हैं, उन्हें 4 जून को भरपूर पानी अपने पास रखना चाहिए। 2 मई 2021 और बंगाल को याद रखें।
उन्होंने 2021 में संपन्न पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव (Vidhansabha Election) के नतीजे और उससे पूर्व उनके द्वारा की गई भविष्यवाणी को भी याद रखने की सलाह दी है। बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आने से पहले पीके ने कहा था कि भाजपा बंगाल में ट्रिपल डिजिट में नहीं पहुंचेगी। वहीं, कई चैनलों ने भाजपा की जीत का अनुमान लगाया था। हालांकि, परिणाम पीके के दावों के मुताबिक ही सामने आए।
प्रशांत किशोर ने हाल ही में एनडीटीवी के दिए एक इंटरव्यू में कहा, मुझे लगता है कि मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा वापसी कर रही है। उन्हें पिछले चुनाव के बराबर सीटें मिल सकती हैं या फिर उनका प्रदर्शन पहले से थोड़ा बेहतर हो सकता है। पीके ने कहा कि भले ही लोगों में भाजपा सरकार के खिलाफ निराशा हो सकती है या नाराजगी हो सकती है, लेकिन व्यापक स्तर पर मोदी सराकर (Modi Sarkar) को हटाने को लेकर गुस्सा देखने को नहीं मिला है।

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