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अलर्ट नहीं! फिर भी लेकसिटी तपी
By EditorialPublished on
लेकसिटी (Lake City) का मौसम भी तीन दिन बाद शुरू होने वाले नौतपा के की तैयारी कर रहा है। आसमान से आग बरसने लगी है। पारा 43 डिग्री (43 degrees) के पार जाने की तैयारी कर रहा है। सुबह 10 बजते-बजते कड़ी धूप का सिलसिला शुरू हो जाता है जो देर शाम तक जारी रहता है।

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उदयपुर। लेकसिटी (Lake City) का मौसम भी तीन दिन बाद शुरू होने वाले नौतपा के की तैयारी कर रहा है। आसमान से आग बरसने लगी है। पारा 43 डिग्री (43 degrees) के पार जाने की तैयारी कर रहा है। सुबह 10 बजते-बजते कड़ी धूप का सिलसिला शुरू हो जाता है जो देर शाम तक जारी रहता है।
वैसे तो ज्येष्ठ महीने के दूसरे दिन नौतपा की शुरूआत 25 मई से होने वाली है मगर झीलों की नगरी उदयपुर में अभी पारा आधिकारिक आंकड़ों में 43 डिग्री को पार कर रहा है जबकि चौराहों पर लगे मौसम व तापमान संकेतकों में पारा तीन दिन पहले ही 44 डिग्री को पार कर चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार उदयपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री व न्यूनतम 27.8 डिग्री रहा। आने वाले 6 दिनों के लिए पूर्वानुमान है कि पारा 44 डिग्री व उससे ऊपर के स्तर पर बना रहेगा। याने इस बार नौतपा लेकसिटी को भी अच्छा खासा तपाने वाला है। हालांकि मंगलवार को राहत की बात यह रही कि जिन 20 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया उनमें उदयपुर शामिल नहीं था। मंगलवार दोपहर में तेज धूप के बीच बादलों के छाने से थोड़ी राहत जरूर मिली। पिछले दो दिन से बादलों ने दोपहर में इसी प्रकार से राहत दी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखें तो जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उदयपुर में बुधवार व उसके बाद लगातार पांच दिन तक पारा 44 डिग्री तक पहुंच सकता है। यह मौसम के लिहाज से सबसे गर्म दिन रहेंगे। मौसम विभाग की जिलेवार चेतावनी को देखें तो फिलहाल गर्मी के साथ तेज लू चलने की संभावना कम है। यदि तापमान की तुलना पास के जिलों से करें तो चित्तौड़गढ़ में तापमान 45 डिग्री से ज्यादा है व धरियावद में तो यह 47 डिग्री को पार कर रहा है। डूंगरपुर में 46.2 डिग्री पारा है।
मंगलवार को तो दोपहर 11 बजे ही तेज धूप से देहलीगेट सहित अन्य चौराहों पर बहुत कम ट्रॉफिक रहा जबकि आम दिनों में यहा ट्रैफिक का दबाव रहता है। इसके अलावा शहर के पर्यटन स्थलों फतहसागर, पिछोला, सहेलियों की बाड़ी, मोती मगरी सहित अन्य जगहों पर भी पर्यटकों की आवाजाही कम हो रही है।
फतहसागर, गंगू कुण्ड और पिछोला- बड़ी पर सुबह गंठे लगाने वालों और तैराकी सीखने वालों की संख्या मौसम के मिजाज को देखते हुए अचानक बढ़ गई है।

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