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मुंबई। एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम (Advance Authorization Scheme) और विदेश व्यापार नीति (foreign trade policy) अंतर्गत 18 करोड़ रुपये कीमत का 37 किलोग्राम ड्यूटी फ्री गोल्ड आयात करनेवाले दो बुलियन कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया है। कस्टम ड्यूटी की चोरी के आरोपी दोनों कारोबारियों ने अपने निर्यात दायित्वों का निर्वाह नहीं किया था जिसके चलते उनकी गिरफ्तारी की गई है।
आरोप है कि आरोपियों ने खुले बाजार में गोल्ड (Gold) बेचा और सारी रकम अपनी जेब में डाल दी और इस तरह से सरकारी कोष को बड़ा नुकसान पहुंचाया। आरोपियों ने सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी दायर की थी। अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किये जाने के बाद कस्टम कानून
(customs duty)
की धाराओं के तहत उनको गिरफ्तार कर लिया गया है।
खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई ने डायवोन फाइन ज्वेल्स के विभिन्न ठिकानों पर तलाशी और छापेमारी की कार्यवाही की थी। इसमें कंपनी के बीकेसी, ग्रांट रोड में ऑपेरा हाउस, दहिसर, विलेपार्ले और गुजरात के सूरत में मौजूदा कारोबारी दफ्तर शामिल हैं। जांच में पता चला कि कंपनी ने साल 2015-16 में प्लेन गोल्ड बार्स का इम्पोर्ट किया था। लेकिन विदेश व्यापार नीति के तहत निर्धारित निर्यात दायित्वों का निर्वहन करने में कंपनी विफल रही। कंपनी ने आयात किया हुआ सारा सोना घरेलू स्तर पर बेच दिया और सारी कमाई अपने पास रख ली।
जांच में कंपनी का बीकेसी का पंजीकृत कार्यालय भी एक डमी कार्यालय पाया गया जहां अन्य वैधानिक संस्थाएं अपना कामकाज कर रही थीं। इसी तरह दहिसर स्थित कंपनी का विनिर्माण यूनिट भी फर्जी निकला और वहां उत्पादन या मजदूरों का कोई नामोनिशान नहीं पाया गया। आरोपियों ने ना केवल गोल्ड का अवैध आयात किया बल्कि 18 करोड़ रुपये के कीमत के गोल्ड इम्पोर्ट पर 3.38 करोड़ रुपये से ज्यादा की कस्टम ड्यूटी की चोरी भी की।
Editorial

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