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ऐसे लोगों को न चुनें, जिनके पीछे ईडी लगी है
By EditorialPublished on
कभी अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के गुरू रहे सामाजिक कार्यकर्ता (Social activist) अन्ना हजारे (Anna Hazare) ने सोमवार को अपने शिष्य पर ही हमला बोला। 86 साल के अन्ना हजारे ने मतदाताओं से अपील की है कि वे सही उम्मीदवार चुनें। उन्होंने कहा कि देश की सत्ता की चाबी गलत हाथों में नहीं जानी चाहिए।

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अहमदनगर (एजेंसी)। कभी अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के गुरू रहे सामाजिक कार्यकर्ता (Social activist) अन्ना हजारे (Anna Hazare) ने सोमवार को अपने शिष्य पर ही हमला बोला। 86 साल के अन्ना हजारे ने मतदाताओं से अपील की है कि वे सही उम्मीदवार चुनें। उन्होंने कहा कि देश की सत्ता की चाबी गलत हाथों में नहीं जानी चाहिए।
अन्ना हजारे ने कहा, आज लोकतंत्र का एक बड़ा उत्सब है और सभी को इसमें भाग लेना चाहिए तथा चरित्रवान एवं ईमानदार व्यक्ति के लिए मतदान करना चाहिए। चूंकि देश की चाबी मतदाताओं के हाथ में है, इसलिए इस चाबी को सही हाथों में देकर सही तरीके से चुना जाना चाहिए। दरअसल सोमवार को देश की 96 लोकसभा सीटों पर चौथे चरण का मतदान हुआ।
हजारे ने कहा, स्वच्छ उम्मीदवारों को चुनें। स्वच्छ छवि वाले राजनेताओं को चुनें, न कि उन लोगों को चुनें जिनका प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पीछा कर रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री पर खुलकर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, मैं दिल्ली शराब घोटाला (liquor scam) मामले में नाम आने पर अरविंद केजरीवाल की कड़ी आलोचना करता हूं। उन्होंने यह भ्रष्टाचार इसलिए किया क्योंकि वह शराब की लत में डूबे हुए थे। ऐसे लोगों को दोबारा नहीं चुना जाना चाहिए। अन्ना हजारे इससे पहले भी कई बार अरविंद केजरीवाल की आलोचना कर चुके हैं।
यूपीए सरकार (UPA government) के दौर में अन्ना हजारे के नेतृत्व में इंडिया अगेंस्ट करप्शन के बैनर तले आंदोलन हुआ था। इस दौरान अन्ना हजारे ने अनशन किया था और उनके साथ अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण, कुमार विश्वास समेत तमाम लोग थे।
अन्ना हजारे इस आंदोलन को गैर-राजनीतिक ही रखना चाहते थे, लेकिन अरविंद केजरीवाल और उनके कुछ साथियों ने राजनीतिक दल बनाने का फैसला ले लिया था।
इसके बाद से ही अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल की राहें अलग हो गई थीं। बता दें कि अन्ना हजारे पहले भी शराब बोटाले को लेकर अरविंद केजरीवाल पर अटैक कर चुके हैं। अन्ना हजारे का कहना था कि उनके जैसे व्यक्ति का शराब नीति बनाना दुखद है।

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